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अदालत ने भ्रष्टाचार एक्ट के तहत बतौर सह आरोपी किया तलब- पूर्व डीएसपी व इंस्पैक्टर की जमानत खारिज

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पूर्व डीएसपी व इंस्पेक्टर की जमानत खारिज
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चार वर्ष पुराने भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट ने बतौर सह आरोपी किया तलब
विजिलेंस के पूर्व डीएसपी समेत ईओ विंग के इंस्पेक्टर और दो हेड कांस्टेबलों पर कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
हाईकोर्ट के आदेश पर निचली अदालत ने विजिलेंस के पूर्व डीएसपी जनक सिंह और मौजूदा ईओ विंग बठिंडा के इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला, हेड कांस्टेबल हरजिंदर सिंह और राजवंत सिंह को बतौर सह आरोपी तलब किया है। वहीं अपने बचाव के लिए पूर्व डीएसपी व इंस्पेक्टर ने स्थानीय अदालत में जमानत याचिका दायर की थी, जो अदालत ने वीरवार को खारिज कर दी। अदालत की ओर से सह आरोपी बनाए गए डीएसपी व इंस्पेक्टर का कहना था कि अदालत ने उनका पक्ष नहीं सुना ।
इस संबंधी बातचीत करते हुए पीड़ित पक्ष से वकील पूजा उर्फ ईशा मिगलानी ने बताया कि 2012 में उसके ससुर देव राज को विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा के उस समय के डीएसपी जनक सिंह और इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला ने साथी पुलिस कर्मियों हेड कांस्टेबल हरजिंदर सिंह और राजवंत के साथ मिलकर गिरफ्तार किया था। इसके बाद डीएसपी और इंस्पेक्टर ने उनके परिवार से 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी कि वह देव राज को पुलिस रिमांड पर नहीं लेंगे। जिसके तहत पूर्व डीएसपी जनक सिंह ने अपने विभाग के कर्मी किक्कर सिंह को उनके घर रिश्वत लेने भेज दिया था। महिला वकील ने बताया कि इस के बाद उन्होंने अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगे जाने को लेकर सबूतों के साथ शिकायत की थी। जिस में सबसे पहले पुलिस कर्मी किक्कर सिंह को आरोपी बनाते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था और डीएसपी जनक सिंह और इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला एवं हेड कांस्टेबल हरजिंदर सिंह और राजवंत सिंह को उच्च अधिकारियों ने केस से निकाल दिया था। जिस का विरोध करते हुए पुलिस वालों के खिलाफ वह अदालत में गए थे, जहां पर उनकी सुनवाई नहीं की गई और उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद वह हाईकोर्ट में गए। महिला वकील ने बताया कि हाईकोर्ट ने उनकी दलीलों से सहमत होते निचली अदालत को केस में उक्त पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को शामिल करने के आदेश दिए थे। जिस के बाद अब जिला सेशन जज ने गत दिनों पूर्व डीएसपी और इंस्पेक्टर व दोनों हेड कांस्टेबलों को 26 मार्च 18 को अदालत ने भ्रष्टाचार एक्ट के तहत बतौर सह आरोपी तलब किया है।
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पति व ससुर के खिलाफ झूठा केस दर्ज करवाया
महिला वकील ने बताया कि जब वह उक्त पुलिस वालों पर कार्रवाई के लिए हाईकोर्ट गए थे तो जिस दिन उनकी पेशी थी, उससे दो दिन पहले विजिलेंस बठिंडा के एक एएसआई की ओर से उनके पति व ससुर के खिलाफ झूठा केस तक दर्ज करवा दिया था। लेकिन वह पीछे नहीं हटे। इस संबंधी विजिलेंस के पूर्व डीएसपी जनक सिंह से बातचीत कर उनका पक्ष जाना तो उन्होंने कहा कि अदालत ने उनका पक्ष नहीं सुना और क्रिमिनल लोगों की ओर से अदालत को गुमराह किया गया है, जिसके चलते अदालत ने उन्हें तलब किया है। इस के बाद मौजूदा समय में ईओ विंग में तैैनात इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला से बात की तो उन्होंने कहा कि अदालत ने उनका पक्ष नही सुना लेकिन जो भी निर्णय आएगा वह मान्य होगा। भ्रष्टाचार एक्ट के तहत बतौर सह आरोपी तलब ईओ विंग के इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला के बारे में जब बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मामला अभी पेंडिंग है।
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ऐसे पुलिस अफसरों के कारण नहीं मिलता इंसाफ
समाजसेवी बलविंदर सिंह ने कहा कि ऐसे भ्रष्टाचार करने वाले पुलिस अफसरों के कारण ही लोगों को पुलिस से इंसाफ मिलने की उमीद लगभग समाप्त हो चुकी है। अगर पुलिस विभाग के उच्च अधिकारी लोगों को इंसाफ देना चाहते हैं तों भ्रष्टाचार करने वाले पुलिस अफसरों को तुरंत नौकरी से निकाल देना चाहिए। तभी लोगों को इंसाफ मिलेगा।
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