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पूर्व एसएसपी संधू को झटका, सिटी सैंटर मामले में अर्जी खारिज

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पूर्व एसएसपी संधू को झटका, सिटी सेंटर मामले में अर्जी खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। बहुचर्चित सिटी सेंटर घोटाले में विजिलेंस के पूर्व एसएसपी कंवलजीत सिंह संधू को जिला एवं सेशन जज गुरबीर सिंह की अदालत से बड़ा झटका मिला है। उनकी तरफ से लगाई गई अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया है। मालूम रहे कि पूर्व एसएसपी विजिलेंस ने इस माह अदालत में अर्जी दाखिल करके मौजूदा मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर आपसी मिलीभगत होने के आरोप लगाते हुए कहा था कि सिटी सेंटर मामले में उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वो अदालत में उपरोक्त मामले को रद्द कराने के लिए दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में अपना सहयोग दें। उनके इंकार करने पर उन्हें झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। वहीं सरकारी पक्ष की तरफ पंजाब के प्रोसिक्यूशन विभाग के डायरेक्टर विजय सिंगला व जिला अटार्नी रविंदर कुमार अबरौल ने पूर्व एसएसपी द्वारा लगाए सभी आरोपों में झूठ का पुलिंदा बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी द्वारा दायरअर्जी का कोई औचित्य नहीं है और कहा कि सिटी सेंटर मामले में विजिलेंस पुलिस द्वारा दाखिल की गई कैंसलेशन रिपोर्ट में पूरी तरह सच्चाई अदालत के समक्ष रखी जा चुकी है और कुछ भी छुपाया नहीं गया है।
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उन्होंने पूर्व एसएसपी के लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद व गलत बताते हुए कहा था कि पूर्व एसएसपी मीडिया में पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने कहा था पूर्व एसएसपी अदालत में दाखिल की गई अर्जी में झूठे आरोप लगाकर सरकारी पक्ष को धमकाने व उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है। वहीं उन्होंने पूर्व एसएसपी के इस तर्क को भी गलत ठहराया था कि उन्हें कैंसलेशन रिपोर्ट पर फैसला लेने से सुना जाए, गलत है क्योंकि पूर्व एसएसपी ने बतौर पुलिस अधिकारी होते हुए मामला दर्ज किया था। और अब वह नौकरी से सेवानिवृत हो चुके है। उनका कोई अधिकार नहीं बनता कि वो इस मामले में दखलांदाजी कर सकते है। क्योंकि न तो वो शिकायतकर्ता है और न ही पीड़ित है। उनका कोई भी कानूनी अधिकार अर्जी दाखिल करने का नहीं बनता है। सरकारी पक्ष की ओर से दाखिल की गए जवाब में पूर्व एसएसपी पर सियासी सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया गया था और कहा गया था कि पूर्व एसएसपी संधू सियासी प्रभाव के तले आकर झूठे आरोप लगा रहे है। उन्होंने यह भी कहा था कि पूर्व में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने भी ऐसी ही एक अर्जी उपरोक्त अदालत में दाखिल की थी, जिसे अदालत ने पूरी बहस सुनने के बाद कानून मुताबिक 3 फरवरी, 2018 को रद्द कर दिया था। उन्होंने सिमरजीत सिंह बैंस व पूर्व एसएसपी की आपसी मिलीभगत का भी आरोप लगाया था व कहा था समाचार पत्रों में बैंस ने संधू का साथ देने की बात भी कही है।
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--विकास मल्होत्रा, 30 अगस्त
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