रामनगर में हुई बेअदबी के मामले को पुलिस ने सुलझाया
मानसिक परेशान नाबालिग ने ग्रंथ के अंगों से की बेअदबी
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।जिले के गांव रामनगर में बुधवार को सुबह गांव की गलियों में फाड़कर फेंके गए ग्रंथ साहिब के पवित्र अंगों के मामले में पुलिस ने गांव वासी सुखदेव सिंह और उसके बेटे की पत्नी को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुखदेव सिंह की नाबालिग पोती जो मानसिक तौर पर परेशान रहती है, ने पवित्र अंगों को फाड़कर गलियों में फेंक दिया था। इस संबंधी जब गांव वालों को पता चला तो पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया और सिख संगठनों ने गांव में पहुंचना शुरू कर दिया। वहीं मौके पर पहुंचे जिले के डिप्टी कमिश्नर परनीत और एसएसपी नानक सिंह ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। सिख संगठनों ने बेअदबी किए गए ग्रंथ साहिब के अंगों को एकत्र कर अरदास करने के बाद धार्मिक मर्यादा से दमदमा साहिब तलवंडी साबो में पहुंचाया। इस संबंध में बुधवार देर शाम को प्रेसवार्ता को संबोधित कर बठिंडा के आईजीएमएम फारूकी ने बताया कि जैसे ही घटना के बारे में पुलिस को सूचना मिली थी तो पुलिस ने जांच तेजी से की और तीन घंटों में पवित्र अंगों की बेअदबी करने वाले आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव रामनगर के ही रहने वाले सुखदेव सिंह की पोती जो मानसिक तौर पर परेशान रहती है, ने धार्मिक ग्रंथ के अंगों को फाड़कर गलियों में फेंक दिया था। जिसके बाद सुखदेव सिंह ने कुछ अंगों को एकत्र कर अपनी बहु बबली के जरिये चूल्हे में जला अंगों को नष्ट कर बेअदबी कर दी। आईजी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में सुखदेव सिंह और उसकी बहू बबली की गिरफ्तारी के संबंध में आईजी फारूकी ने पुष्टि नहीं की। पुलिस सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पुलिस ने थाना मौड़ में सुखदेव सिंह और उसकी बहू बबली के खिलाफ केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कोई भी पुलिस अधिकारी इस संबंध में अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहा।