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‘चिट्टा की रकम का भुगतान चेक से’
अबोहर के गांव दानेवाल के तस्कर ने पिता का चेक चोरी कर नशे का पेमेंट किया
पिता ने तस्कर बेटे और उसके आकाओं की शिकायत एसएसपी फाजिल्का को दी
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। राजस्थान बार्डर से सटे अबोहर के गांव दानेवाल के एक नशा तस्कर युवक ने चिट्टा की रकम का भुगतान अपने आका को पिता की चेक चोरी करके किया है। इसका पता चलने पर पिता सतिंदरपाल सिंह ने सोमवार को एसएसपी फाजिल्का के पास अपने नशा तस्कर लड़के अरमन और उसके आका राजू व सोनी के खिलाफ शिकायत देकर इंसाफ की मांग की है ।
शिकायतकर्ता सतिंदरपाल सिंह ने बताया कि उसने अपने इकलौते बेटे अरमन को पहलवान बनाया था। खराब संगत में पड़ने के बाद वह नशे के आदी हो गया और धीरे धीरे चिट्टे का तस्कर बन गया। राजस्थान बार्डर के गांव पक्की निवासी राजू और सोनी ने उसके बेटे को नशा बेचने के लिए लगा दिए । उसके नीचे बीस छोटे नशा तस्कर काम करते है। कुछ माह पहले उसके बेटे अरमन ने उसका चेक चोरी कर नशा तस्कर राजू को 36 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। सतिंदरपाल सिंह ने बताया कि नशा तस्कर ने माना है कि उसका लड़का उससे चिटटा लेकर गया था और उसकी एवज में 36 हजार का चेक देकर गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका बेटा नशा तस्करी करने लगा तो उसने उसे जायदाद से बेदखल कर दिया ।
उसने बताया कि थाना खुईयां सरवर पुलिस को कुछ माह पहले अपने लड़के और नशा तस्करों के खिलाफ शिकायत दी थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने की बजाय उल्टा उसे ही थाने में बुलाकर बैठा लिया और देर शाम को छोड़ा । शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि थाना खुईयां सरवर का मुंशी कुलदीप सिंहनशा तस्करों से प्रति माह वसूली करता है । इस लिए उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नही कर रहा । सतिंदरपाल ने बताया कि तीस अगस्त को भी उसका लड़का दो लाख रुपये का चेक उक्त नशा तस्कर को चोरी कर देकर आया है। इस संबंध में उसने एसएसपी फाजिल्का के पास शिकायत की है। इस संबंधी जब थाना खुईयां सरवर के मुंशी कुलदीप सिंह से बात की गई तो उन्होंने शिकायतकर्ता के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पुलिस शिकायत के आधार पर कार्रवाई कर रही है ।
पहलवानी करते करते बना नशा तस्कर अरमन
सतिंदरपाल सिंह ने बताया कि उसने बड़ी चाव से बेटे अरमन को पहलवान बनाने के बाद जिम खोलकर दिया था। क्या पता था कि जिम में युवाओं ट्रेनिंग देते उसका बेटा नशा तस्कर बन जाएगा । उन्होंने बताया कि गलत संगत में पड़कर पहले उनका बेटा नशा करने लगा। जब उन्होंने खर्चा देना बंद कर दिया तो वह नशा तस्कर बन गया और अब उनके चेक चोरी कर अपने से बडे़ नशा तस्करों को रकम देकर चिट्टा खरीदने लगा और अपने आगे रखे छोटे तस्करों के जरिये बेचता है ।