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अगर पुलिस को रिशवत देकर मम्मी मुझे न छुडवाती तो

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साइड स्टोरी, बच्चे से थर्ड डिग्री टॉर्चर का मामला

मम्मी पैसे देकर न छुड़वाती तो पुलिस मार देती
चार दिन से सहमे बच्चे ने अमर उजाला को बताई दहशत भरे दिन और रात की कहानी
दुकानदारों के नाम उगलवाने के लिए पुलिस ने बच्चे से किया जानवरों से भी बदतर व्यवहार
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
कोतवाली पुलिस की दरिंदगी का शिकार हुए साढे़ बारह वर्षीय बच्चे ने सिविल अस्पताल में अमर उजाला से बातचीत के दौरान कहा कि अगर मम्मी पुलिस को पैसे देकर मुझे न छुड़वाती तो पुलिस मुझे मार देती। बच्चे ने उसके साथ रविवार को दिन और रात की दहशत भरी कहानी बयां की। पुलिस के कहर से सहमे व डरे हुए बच्चे ने बताया कि वह पांचवीं में पढ़ता है। इस वर्ष वह स्कूल फीस न होने के कारण स्कूल में समय से एडमिशन नहीं ले पाया। उसने बताया कि रविवार को वह सुबह नौ बजे दोस्त के पास माता रानी गली में गया था। जहां उसके दोस्त के पड़ोसी की छत पर एक पतंग दिखाई दी और वह उसे उठाने कपड़ा मार्केट की सीढ़ियों से छत पर चला गया। वहां एक अंकल आए और वह उसे चोर कहकर पीटने लगे। उन्होंने उससे कहा कि वह नीचे स्थित दुकानों में तीन दुकानदार का नाम ले कि उसे चोरी करने के लिए उन्होंने भेजा है। उसने बताया कि जैसे ही उसने ऐसा कहने से इंकार किया तो उसे पीटते हुए पुलिस को बुला ली। पुलिस के एक थानेदार ने आते ही उसकी बात सुनने के बजाय उसे पीटने लगे और कोतवाली ले गए।

थाने में उल्टा लटकाकर बच्चे को डंडे से मारा
जहां पर एसएचओ, एएसआई कुलवदिंर सिंह और राजबीर सिंह ने उसे उल्टा लटका कर एक मोटे डंडे से उसके पैरों पर मारने लगे। उसने बताया जब वह बेहोश हो गया तो थानेदार उसे पीटता रहा और पीटते पीटते एक डंडा तोड़ दिया। बच्चे ने बताया कि इसके बाद फिर एक थानेदार ने उसे पीटते हुए एक डंडा तोड़ा। बच्चे ने बताया कि थाने के एसएचओ ने उसके हाथों पर अपने पैर रखते हुए कहा कि जब तक तू तीन दुकानदारों का नाम नहीं लेगा तेरा ऐसा ही हश्र होगा। इतने मे एसएचओ ने उसकी छाती को बुरी तरह से पैर से दबाया। बच्चे ने बताया कि रविवार को पूरा दिन-रात को पुलिस उसे थाने में पीटती रही और वो चिल्लाता रहा, लेकिन पुलिस को तरस नहीं आया। उसने बताया कि रविवार शाम को दिन ढलने के बाद फिर से एएसआई कुलविंदर सिंह ने उसे पीटना शुरू किया तो उसने फोन कर पेट्रोल मंगवा लिया और यह कहते उसके प्राइवेट पार्ट में डाल दिया कि तुमने दुकानदारों के नाम क्यों नहीं लिए।
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पुलिस गुंडों जैसी होती है: पीड़ित
सहम हुए पीड़ित बच्चे ने रोते हुए कहा कि उसकी भगवान से प्रार्थना है कि जिन पुलिस वालों ने उसके साथ दरिंदों सा व्यवहार किया है, उन्हें भगवान सजा दे। बच्चे ने बताया कि जैसे ही पुलिस वाले दरिंदों को पता चला कि वह सिविल अस्पताल में दाखिल है तो वह उसकी मां पर राजीनामा करने के लिए दबाव बनाने लगे हैं। पीड़ित के अनुसार पुलिस वाले अभी जब उसके पास आ रहे हैं। उसे उस रात मंजर याद आते ही कुछ होने लगता है। बच्चे ने कहा कि पुलिस सच में गुंडों जैसी होती है।
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हर हाल में सजा दिलाकर रहूंगी : मां
पीड़ित बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि तीन दिन बाद भी आरोपी पुलिस वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह हर हालत में बच्चे के साथ दरिंदगी करने वाले पुलिस वालों को सजा दिलाकर रहेगी। लेकिन उसे इस बीच संदेह है कि पुलिस उसके समेत परिवार पर कोई झूठा केस दर्ज न कर दे।
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