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झोटा हत्याकांड: मानसा पहुंची सीबीआई टीम ने दर्ज की नई एफआईआर, चंडीगढ़ पीजीआई में होगा शव का पोस्टमार्टम

Wed, 21 Oct 2026 02:37 PM IST
Sharukh Khan संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा

सार

नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई है। टीम ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। मानसा पुलिस ने सीबीआई को हत्याकांड से संबंधित फाइल सौंप दी है। 13 अक्तूबर 2026 को मानसा में झोटा की हत्या की गई थी।
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CBI Team - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच के लिए सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करने के बाद सीबीआई ने झोटा हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच अपने हाथ में ले ली है। वहीं चंडीगढ़ पीजीआई में विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की जांच की जाएगी। 

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उन्होंने बताया कि एजेंसी ने विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बनाई है, जो कल रात मानसा पहुंच गई थी। टीम में ड्रग कंट्रोलर, फोरेंसिक विशेषज्ञ और जीएसटी विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

मानसा पहुंचने के बाद सीबीआई की डीएसपी सहित पांच सदस्यों की टीम ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। इस दौरान मानसा पुलिस ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड से संबंधित फाइल सीबीआई को सौंप दी है। अब सीबीआई  इस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी।

डीआईजी स्तर के अधिकारी करेंगे मामले की जांच
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच डीआईजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई वाली टीम करेगी। हालांकि, मंगलवार रात को डीएसपी स्तर के अगुआई में पांच सदस्यीय टीम मानसा पहुंची और झोटा केस से संबंधित सभी फाइलें व सबूत अपने कब्जे में ली।

सीबीआई की टीम ने मंडी बोर्ड के रेस्ट हाउस में पहले झोटा के पिता व उसके परिजनों को बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया था, लेकिन उसके पिता वहां नहीं पहुंचे। इस पर सीबीआई की टीम उनके बयान दर्ज करने के लिए घर पहुंची। टीम के पहुंचने के बाद घर को अंदर से बंद कर लिया गया और करीब 15 से 20 मिनट तक झोटा के परिवार के साथ बातचीत करने के बाद टीम बिना कुछ बताएं वहां से चली गई।

इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला
परमिंदर सिंह झोटा की हत्या से जुड़े इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1), 109, 118(1), 61(2) और 3(5) के अलावा शस्त्र अधिनियम, 1959 की धाराएं 25 और 27 लगाई गई हैं। मूल प्राथमिकी 14 अक्टूबर 2026 को थाना सिटी-2, मानसा में दर्ज की गई थी।

सीबीआई ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार की अधिसूचनाओं के आधार पर मामले को दोबारा दर्ज किया है। मूल प्राथमिकी की प्रति को भी सीबीआई के मामले का हिस्सा बनाया गया है। चंडीगढ़ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो की विशेष अपराध शाखा अब मामले में हत्या की परिस्थितियों, आरोपों और अन्य संबंधित पहलुओं की जांच  करेगी।
 
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दुकानदारों से पूछताछ
सीबीआई की कई टीमें मानसा में अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा कर रही हैं। फोरेंसिक टीम अश्वनी कुमार के मेडिकल स्टोर पर पहुंची, जहां सैंपल लिए जा रहे हैं। साथ ही आस-पास के दुकानदारों से भी पूछताछ की जा रही है।

इसके अलावा, सीबीआई की टीम जूते की दुकान की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि परविंदर सिंह झोटा आखिरी बार इसी जूते की दुकान पर गिरे थे। यहां भी फोरेंसिक टीम सैंपल इकट्ठा कर रही है। 

पत्नी मनप्रीत कौर ने दिया बड़ा बयान
झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने प्रदर्शन के दौरान बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि परिवार की मंजूरी के बिना कोई भी फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।

मानसा में परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर परिवार और समर्थकों की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि परिवार की सहमति के बिना कोई भी फैसला नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।

झोटा का परिवार बोला, मांगें पूरी होने तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की सीबीआई जांच करवाने पर सहमति जताने के बावजूद मंगलवार को आठवें दिन भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिवार और इंसाफ कमेटी सभी मांगें पूरी होने तक धरना जारी रखने पर अड़े हैं। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के डीजीपी इस्तीफा नहीं देते और उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक संस्कार नहीं किया जाएगा।

उनका कहना है कि सरकार के आश्वासन पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जांच शुरू होती है या नहीं, यह बाद में देखा जाएगा। इंसाफ कमेटी और परिवार ने मांग की कि नशे के नेटवर्क को तोड़कर नशा तस्करों और उनके पीछे खड़े कथित सियासी गठजोड़ को बेनकाब किया जाए। मंगलवार को धरने में पूर्व सैनिकों, विभिन्न संगठनों और नेताओं ने पहुंचकर समर्थन दिया। कर्नल बाठ की पत्नी जसविंद्र कौर भी धरने में शामिल हुईं। 
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यह है मामला
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया है। झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।  
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