नंगल। बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) में वर्षों से दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के तौर पर काम कर रहे कर्मचारी अपनी नियमितीकरण और स्थायी काम की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि बीबीएमबी प्रबंधन उन्हें नियमित करने के बजाय साल भर में भी स्थायी काम नहीं प्रदान कर रहा है। बीबीएमबी प्रबंधन जहां रेडक्रॉस मेला और अस्पताल वेलफेयर सोसायटी के आयोजनों में व्यस्त था। वहीं कर्मचारियों ने 21 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा की। यह जानकारी कर्मचारियों ने बीबीएमबी के मुख्य अभियंता सीपी सिंह को उस समय दी जब वे रेडक्रॉस मेला का उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस पर सीपी सिंह ने उन्हें नियमित काम देने का आश्वासन दिया। यूनियन नेता सन्नी कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे और उनके साथी वर्षों से बीबीएमबी में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत हैं लेकिन उन्हें न तो नियमित किया जा रहा है और न ही स्थायी काम दिया जा रहा है। कई कर्मचारी अब बीबीएमबी की रिटायरमेंट नीति के करीब पहुंच चुके हैं, इसलिए 21 जनवरी से वे आमरण अनशन पर बैठने जा रहे हैं। संवाद