वह दोनों बहने कमरे में टीवी देख रही थी तो उनकी मां कंचन ने एएसआई सुखपाल सिंह के लिए चाय बनाई और दोनों बाहर बेहड़े में बैठकर चाय पी रहे थे। उस समय उनके पिता घर पर नहीं थे। अचानक गोली चलने की आवाज आई और वह घर के बाहर देखने के लिए दौड़ीं तो देखा कि एएसआई सुखपाल सिंह उनकी मां पर पिस्तौल ताने खड़ा था। उसके द्वारा किया पहला फायर किसी को नहीं लगा था, उसने दूसरा फायर किया जो उनकी मां के पेट में लगा।
जैसे ही उन्होंने शोर मचाया तो आरोपी ने पहले अपने सर्विस रिवाल्वर से सारी गोलियां निकाल ली, खाली खोल भी उठा लिए। वह उनकी मां को अपनी कार में डालकर निजी अस्पताल में ले आया। उसने पहले उनको धमकी दी कि अगर उसका नाम किसी को बताया तो वह उसके पिता को भी मार देगा। रिया के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर आरोपी ने उसकी घायल मां का भी किसी के सामने नाम नहीं लेने के लिए धमकाया। इसलिए डर के मारे उन्होंने किसी रिश्तेदार को सूचना नहीं दी। रात लगभग 12 बजे पहले अपने मामा को इस घटना की जानकारी दी।
मामले की पुलिस जांच कर रही है, आरोपी एएसआई के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पैसों को लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी मंगलवार को बतौर ड्यूटी अफसर काम रहा था, इसके बाद अचानक ड्यूटी से गैरहाजिर हो गया था। -दविंदर चौधरी, एसीपी