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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाला : गिरफ्तार कांट्रेक्टर तेलूराम को न्यायिक हिरासत में भेजा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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लुधियाना। अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किए गए कांट्रेक्टर तेलू राम को विजिलेंस की टीम ने वीरवार को दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद दोबारा से पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश सुमित मक्कड़ ने तेलूराम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। हालांकि विजिलेंस की टीम ने अदालत से तेलूराम का दो दिन का और पुलिस रिमांड मांगा था, लेकिन अदालत ने विजिलेंस की अर्जी को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विजिलेंस की टीम तेलूराम को जेल छोड़ने के लिए रवाना हो गई।
उधर, तेलूराम के न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद आशु समर्थकों में कुछ राहत की सांस ली है। मगर दूसरे दिन भी कांग्रेस समर्थकों के साथ साथ सभी सीनियर नेता भी धरने पर बैठे रहे। पहले दिन से गिरफ्तार किए गए कांट्रेक्टर तेलूराम से हुई पूछताछ के बाद ही पूर्व मंत्री आशु के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा को नामजद किया गया था। इसके बाद से वह फरार हो गया और उसके बाद पूर्व मंत्री आशु को नामजद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आठ दिन तक विजिलेंस के पास रिमांड पर रहने वाले तेलूराम को वीरवार दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस की तरफ से दलील रखी गई कि पूर्व मंत्री और तेलूराम को आमने सामने बिठाकर पूछताछ की गई थी, जिसमें विजिलेंस को काफी कुछ मिला है। अब कई पहलुओं पर तेलूराम से पूछताछ की जानी है और दोनों को दोबारा आमने सामने बिठाना जरूरी है ताकि कुछ बातें और क्लीयर की जाएं और आगे के सबूत जुटाए जाए। इस पर बचाव पक्ष के वकील पवन घई ने इसका विरोध जताया और कहा कि उनके मुवक्किल को बेवजह परेशान किया जा रहा है। विजिलेंस को ऐसा कुछ मिला है तो पेश किया जाए। विजिलेंस ने दलील दी कि तेलूराम के खाते में 25 करोड़ रुपये की राशि आई थी जिसके बारे में भी पूछताछ की जानी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तेलूराम को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश जारी कर दिए गए।
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पूछताछ में जरा सा भी सहयोग नहीं कर रहे पूर्व मंत्री
घोटाले में गिरफ्तार किए गए पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु से विजिलेंस की टीम लगातार पूछताछ करने में लगी है, लेकिन पूर्व मंत्री बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहे। विजिलेंस की तरफ से किए जाने वाले सवालों के जवाब पूर्व मंत्री पूरी तरह से गोलमोल करके दे रहे हैं और कई ऐसे सवाल है कि वह कहते हैं कि इसका जवाब तो उनका पीए मीनू पंकज मल्होत्रा ही दे सकता है या फिर संबंधित अधिकारी दे सकते हैं। विजिलेंस के अधिकारियों ने कागजात के बारे में भी पूर्व मंत्री से पूछा, लेकिन वह जवाब नहीं दे सके। तेलूराम को अदालत में पेश करने से पहले विजिलेंस अधिकारियों ने दोनों को एक बार फिर आमने सामने बिठाकर पूछताछ की गई। सूत्र बताते हैं कि तेलूराम ने वहां भी यही कहा कि वह मंत्री से कभी नहीं मिले और उन्हें पर्सनली नहीं जानते। विजिलेंस के सूत्र बताते हैं कि पूर्व मंत्री के सीए को भी बुलाया गया है कि उनकी प्रापर्टी और बैंक खाते के बारे में पूछा जाएगा। इसके अलावा विजिलेंस की टीम तीनों के कॉल डिटेल की भी जांच कर रही है।
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