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लुधियानाः पत्नी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी, एंबुलेंस नहीं मिली तो रेहड़ी में डाल अस्पताल लाया

Sat, 18 Apr 2020 05:31 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, लुधियाना
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पत्नी को रेहड़ी में डाल ईएसआई अस्पताल पहुंचा शख्स - फोटो : अमर उजाला
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कर्फ्यू के दौरान आम लोगों को घर पर सुविधाएं देने के प्रशासनिक दावों की पोल खुलकर सामने आ रही है। अधिकारी बार बार दावा कर रहे हैं कि किसी को इमरजेंसी हालत में तुरंत मेडिकल सुविधा दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं है। शुक्रवार को दशमेश नगर निवासी एक व्यक्ति को अपनी पत्नी के लिए एंबुलेंस नहीं मिली, तो वह उसे एक रेहड़े में लिटाकर ही अस्पताल चल पड़ा।
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रास्ते में पुलिस मुलाजिमों और वालंटियर्स ने उसकी मदद करने की जगह बार बार उसे रोका। नतीजा यह निकला कि चार किलोमीटर का रास्ता तय करने में उसे तीन घंटे लग गए लेकिन वह अपनी पत्नी को दवा दिलाकर ही घर लाया। इस पूरे प्रकरण का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

गिल रोड स्थित दशमेश नगर निवासी रमेश ने बताया कि उसकी पत्नी संगीता 22 जनवरी को छत से गिर गई थी, इससे उसकी रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। मोहनदाई कैंसर अस्पताल में उसका आपरेशन करवाया गया था। अब उसकी दवा ईएसआई अस्पताल से चल रही है। दवा खत्म हो गई थी।
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उसे पत्नी को साथ लेकर गिल नगर चौक स्थित डिस्पेंसरी नंबर 7 में जाना था। पत्नी तो चल नहीं सकती थी, इसलिए उसने एंबुलेंस को कॉल किया। एंबुलेंस ने यह कहकर आने से मना कर दिया कि इसमें सिर्फ इमरजेंसी केसों को ले जाया जा सकता है। किसी को दवा दिलाने के लिए वह नहीं आ सकते। कोई चारा न देख वह एक रेहड़ी पर अपनी पत्नी को लेटाकर डिस्पेंसरी के लिए निकल पड़ा।

रास्ते में उसे जहां भी पुलिस का नाका मिलता, पूछताछ होती जिसके बाद जाने दिया जाता। एटीआई. कॉलेज के पास पुलिस वालों ने उसे रोक लिया। कई वालंटियरों ने भी उसे रोका और उसे धमकाया। सभी जगह मिन्नत करने पर उसे दो घंटे बाद वहां से आगे जाने दिया गया। किसी तरह वह अपनी पत्नी को लेकर ईएसआई डिस्पेंसरी पहुंचा और दवा लेकर घर लौट आया।
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