संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। हलवारा के कट्टर कांग्रेस समर्थक सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का और पंचायत सचिव गुरमीत सिंह वासी नूरपुरा के खिलाफ थाना सुधार में पंचों के जाली दस्तखत कर फंड निकलवाने, रिकॉर्ड बुक में दर्ज पंचायत के प्रस्ताव में कटिंग करके बदलाव करने और फंड का गबन करने की संगीन धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने गबन करने की साजिश रचकर पंचायत के प्रस्ताव पर पंच चरणजीत सिंह, गुरमेल कौर और रघुवीर सिंह के जाली दस्तखत करके बैंक से पंचायती फंड निकलवाकर हड़प लिया।
पंचायत प्रस्तावों के रिकॉर्ड में भी छेड़छाड़ कर उसमें बदलाव कर दिया। सीएफएसएल पटियाला की माहिर डॉ. इंदरजीत कौर ने अपनी रिपोर्ट में रिकॉर्ड के छेड़छाड़ और जाली दस्तखत की पुष्टि की थी, इसके बावजूद पिछली कांग्रेस सरकार में करीब दो साल फाइल को दबाकर रखा गया। सरकार बदलते ही जांच ने भी स्पीड पकड़ी और अब मुकदमा भी दर्ज हो गया। पंचायत सचिव गुरमीत सिंह के खिलाफ 2019 में भी गांव राजोआणा कलां के पंचायती फंड में धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पंचायत विभाग ने उसे निलंबित कर दिया था। जमानत पर रिहा होने के बाद गुरमीत सिंह को विभाग ने कुछ समय पहले ही नौकरी पर बहाल किया था। हालांकि पिछले मामले में भी उसके खिलाफ विभागीय जांच अभी तक चल रही है। अब एक और मुकदमा दर्ज होने से पंचायत सचिव गुरमीत सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ब्लॉक सुधार के बीडीपीओ अशोक कुमार ने बताया कि डायरेक्टर पंचायत विभाग को पत्र लिखकर सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने की मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव गुरमीत सिंह इन दिनों जगरांव में तैनात है। विभाग को उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की सिफारिश भेजी जा रही है।
उधर, सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का ने खुद को बेकसूर बताते हुए मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि हालिया विधानसभा चुनाव में उन पर आम आदमी पार्टी में शामिल होने का चौतरफा दबाव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। इसी राजनीतिक रंजिश में आप की स्थानीय लीडरशिप ने प्रशासन पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से जांच की फरियाद की है, उन्हें भरोसा है कि इंसाफ मिलेगा।
पिछले दिनों ब्लॉक सुधार के गांव टूसे के कांग्रेस समर्थक सरपंच और जिला दलित विंग प्रधान परमजीत सिंह टूसे को भी एक पुराने मुकदमे का हवाला देकर पंचायत विभाग ने सस्पेंड कर दिया था। सरपंच परमजीत सिंह टूसे के खिलाफ भी दो पंचों के जाली दस्तखत कर धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुख्ता सूत्रों की मानें तो ब्लॉक सुधार के कुछ और कांग्रेस समर्थक पंच सरपंच भी रडार पर हैं। उनका पंचायती रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, इनमें से कई कानूनी कार्रवाई से डरकर पहले ही आप में शामिल हो चुके हैं, कुछ के विदेश भाग जाने की भी सूचना है।
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर करमजीत सिंह ने बताया कि सरपंच निक्का और पंचायत सचिव गुरमीत सिंह के खिलाफ धारा 409, 420, 465, 468, 120-बी के अधीन मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, उन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है। 16 अक्तूबर 2020 को तत्कालीन बीडीपीओ हीरा सिंह ने सरपंच हरजिंदर सिंह निक्का के पंचायती रिकॉर्ड की जांच करने के बाद जिला ग्रामीण पुलिस हेडक्वार्टर को कार्रवाई करने के लिए फाइल भेज दी थी, अब जिला ग्रामीण एसएसपी के आदेश पर ही मुकदमा दर्ज किया गया है।