मानसा। केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के खरीद मूल्य में 65 किलो रुपये प्रति क्विंटल की मामूली बढ़ोतरी को भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने रद करते हुए मांग की है कि गेहूं का कम से कम मूल्य 22 सौ रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। यूनियन के जिलाध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा और महासचिव इंद्रजीत सिंह झब्बर ने कहा कि केवल 65 रुपये बढ़ोतरी करना किसानों के साथ एक मजाक है। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा कंपनियों को घाटे का ढिंढोरा पीटकर डीजल, खाद, बीज, मशीनरी की कीमतों में हर महीने बढ़ोतरी कर देती है। किसान नेताओं ने ये मांग भी की कि डीजल, खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयों पर सब्सिडी देकर किसानों की फसलों को लाभदायक बनाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष और तीखा किया जाएगा।