रिमट में अत्याचार पीड़ितों के समर्थन में चर्चा
मंडी गोविंदगढ़। रिमट यूनिवर्सिटी में अत्याचार पीड़ितों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ बीएस भाटिया ने कहा कि किसी भी तरह की यातना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक अपराध है और इसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। डॉ. भाटिया ने बताया कि 12 दिसंबर 1997 यूनाइटेड नेशन ने आम सभा में एक प्रस्ताव पास कर हर वर्ष 26 जून को अत्याचार के पीड़ितों के समर्थन में अंतरराष्ट्रीय दिवस घोषित किया ताकि विश्वे भर से यातना के आतंक को खत्म किया जा सके। प्रो. सिंह ने कहा कि हर मनुष्य को गरिमा के साथ जीने का अधिकार है और हमें हर हाल यातना पीड़ित के व्यक्तित्व को खत्म करने की कोशिशों का विरोध करना होगा। उल्लेखनीय है कि इस समय विश्व के 163 देश यातना के खिलाफ इस मुहिम का समर्थन करते हैं।
फोटो कैप्शन:26जीबीजीपी02: रिमट यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर डॉ बीएस भाटिया