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पुस्तक खोलते ही होता है नई दुनिया का आभास-बंसल

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रिमट यूनिवर्सिटी में वर्ल्ड बुक डे पर सेमिनार
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मंडी गोबिंदगढ़। विश्व पुस्तक दिवस पर रिमट यूनिवर्सिटी में सेमिनार हुआ जिसमें यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर डॉ ए.एस.चावला ने कोई भी पुस्तक लेखक की बौद्धिक संपदा होती है जिसे हर कीमत पर बनाए रखा जाना चाहिए। एक लेखक/रचियता के अधिकारों को बचाने के लिए भारत सरकार ने 1957 में कॉपीराइट अधिनियम लागू किया था और इस देश के हर नागरिक को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए क्योंकि एक लेखक या रचियता ने अपने रचनात्मक काम के लिए अपने जीवन भर के प्रयासों तक किए होते हैं और मौकाप्रस्त लोग ऐसे रचनात्मक कामों में अपनी मोहर लगाने में जरा भी संकोच नहीं करते। कोई भी व्यक्ति जो जानबूझकर कॉपीराइट का उल्लंघन करता है तो उसे कारावास, छह महीने से लेकर तीन साल तक हो सकती है और न्यूनतम जुर्माना पचास हजार रुपये से कम नहीं होता। उसे दो लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

फोटो कैप्शन:23जीबीजीपी02: रिमट यूनिवर्सिटी के वीसी डा ए.एस.चावला अपने निजी संग्रह से छात्रों को जानकारी देते हुए।
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