फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैसाखी मोके हजारो संगतें खालसे की जन्म स्थिल पर हुई नतमस्तक --

विज्ञापन
विज्ञापन
बैसाखी पर हजारों संगत खालसे की जन्मस्थली पर हुई नतमस्तक
विज्ञापन

श्री आनंदपुर साहिब। बैसाखी के मौके पर हजारों की संख्या में संगत ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री केसगढ़ साहिब समेत सभी गुरुद्वारा साहिब में कतार में लगकर माथा टेका। सुबह होते ही हजारों की संख्या में तख्त साहिब के सामने वाले सरोवर में स्नान कर तख्त श्री केसगढ़ साहिब और किला आनंदपुर साहिब, किला फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, किला लोहगढ़ साहिब साहिब, गुरुद्वारा शहीदी बाग आदि में कतार में लग कर माथा टेका। बाद दोपहर खालसे की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब खालसाई रंग में रंग गया। बैसाखी का पर्व पूरे खालसाई जाहो जलाल और पंथक रवायतों के अनुसार इस साल 12, 13 और 14 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस संबंध में 12 अप्रैल को तख्त श्री केसगढ़ साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब की शुरुआत की गई। अरदास सिंह साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह जत्थेदार तख्त श्री केसगढ़ साहिब ने की। उल्लेखनीय है कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस पवित्र स्थान पर 1600 ई. को बैसाखी के दिन संसार के इतिहास में महान क्रांतिकारी परंपरा का आरंभ करते हुए भारत से धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक तौर पर दबे कुचले और पीड़ित लोगों को बराबर का हक देते हुए पंज प्यारों की एक खास विधि से चयन कर अमृत की रहमत बख्शीस कर सबसे न्यारे खालसा पंथ की स्थापना की थी। बैसाखी के प्रोग्राम का विवरण देते हुए सिंह साहब ज्ञानी रघबीर सिंह जत्थेदार तख्त श्री केसगढ़ साहिब ने बताया कि शनिवार से तख्त श्री केसगढ़ साहिब के पंडाल में गुरमति समागम सुबह 9 बजे से शुरू होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें