फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानिए, कपिल सिब्बल ने सुषमा पर कौन सी की तल्ख टिप्पणी

Wed, 25 Sep 2013 09:02 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
जन प्रतिनिधित्व कानून के संशोधन पर अध्यादेश को मंजूरी के मामले में कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने आज प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पर तल्ख टिप्पणी की।
विज्ञापन


सिब्बल ने कहा कि भाजपा को अध्यादेश की समझ नहीं है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पढ़ी लिखी होने के बावजूद भी अध्यादेश का विरोध कर रही हैं।

चंडीगढ़ में उन्होंने सुषमा स्वराज पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सुषमा थोड़ा बहुत वकालत समझती हैं, उन्हें तो होम वर्क कर लेना चाहिए। हालांकि, मीडिया से रूबरू होते हुए खुद कानून मंत्री कपिल सिब्बल विधेयक पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके।
विज्ञापन


पहले कहा कि अध्यादेश के तहत दोषी सांसद मतदान कर सकता है, जबकि अगले ही सुर में बोले की वह मतदान नहीं कर सकते। यहां तक की इस सवाल पर वह मीडिया पर भड़कते नजर आए। वे बुधवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में नए बार रूम के शुभारंभ करने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि सुप्रीमकोर्ट ने 10 जुलाई को फैसला दिया था कि दो साल या उससे ज्यादा की सजा पाने वाले सांसद और विधायक दोषी करा दिए जाने की तिथि से ही अयोग्य माने जाएंगे। जबकि इस फैसले से पहले यह व्यवस्था थी कि दोषी करार जनप्रतिनिधि यदि तीन महीने के अंदर निचली अदालत के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे देता है, तो उसकी सदस्यता बरकरार रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार जो अध्यादेश लाई है उसके तहत सजायाफ्ता सांसदों- विधायकों को अंतिम फैसला आने तक वेतन भत्ता हासिल करने और सदन में मतदान करने का अधिकार नहीं होगा।
विज्ञापन


मीडिया ने जब उनसे सवाल किया क्या सजायाफ्ता जनप्रतिनिधि मतदान कर सकता है, तो इस पर कानून मंत्री को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने इस विधेयक के विरोध पर भाजपा पर ही सीधा हमला बोल दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें