शिकायत पर पड़ताल के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में एक फर्जीवाड़ा बेनकाब हुआ है और यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार के दफ्तर से उनके जाली हस्ताक्षरों से किसी पद की नौकरी के लिए दो उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए हाजिर होने संबंधी पत्र जारी किए गए। हालांकि इनमें से एक पत्र के पता उपलब्ध न होने की टिप्पणी के साथ डाक विभाग ने वापस लौटा दिया जबकि दूसरा पत्र अभी तक नहीं लौटा।
एक पत्र के वापस लौटने पर जब यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार ने पड़ताल करवाई तो सामने आया कि यह दोनों पत्र जाली हस्ताक्षरों के साथ जारी किए गए जिसके बाद मामला पुलिस को सौंपा गया। पुलिस ने अपनी जांच के बाद अज्ञात के खिलाफ थाना कोतवाली में केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस को भेजी शिकायत में यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. निर्मल ओसेपचन ने बताया कि बाबा फरीद विवि को जलालाबाद (फाजिल्का) के गांव फत्तूवाला निवासी सुखदेव सिंह के नाम पर जारी एक रजिस्टर्ड लिफाफा वापस आ गया जिस पर डाक विभाग ने पता उपलब्ध न होने की टिप्पणी की हुई थी। पड़ताल करने पर सामने आया कि गुरमीत सिंह के अलावा गुरुहरसहाए (फाजिल्का) निवासी गुरमीत सिंह को भी उसी दिन पत्र जारी किया गया था जिस पर रजिस्ट्रार के फर्जी हस्ताक्षर थे और इन दोनों उम्मीदवारों को अपने असल दस्तावेजों के साथ 26 दिसंबर 2021 को यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार दफ्तर में बुलाया गया था। हालांकि गुरमीत सिंह के नाम पर जारी पत्र वापस नहीं आया और पड़ताल में यह भी सामने आया कि दोनों पत्रों पर डिस्पैच नंबर भी फर्जी डाला हुआ था।
रजिस्ट्रार की शिकायत के अनुसार उन्होंने न तो यह दोनों पत्र जारी किए और न ही इन पर उनके हस्ताक्षर हैं। ऐसे में पूरे मामले की जांच करके आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस शिकायत पर जिला पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा से जांच करवाई जिसमें फर्जी पत्र जारी होने की पुष्टि होने के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करके अगली कार्रवाई की जा रही है।