संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। जालंधर में शिवसेना पंजाब ने वार्ता के दौरान पंजाब सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि हम एक बार फिर 84 का दौर महसूस कर रहे हैं, जब बिना किसी बात के लोगों को गोलियां मार दी जाती थी और लूट लिया जाता था। वार्ता के दौरान शिवसेना पंजाब के प्रधान संजीव घनौली और राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन ने कहा कि शिवसेना नेता सुधीर सूरी की हत्या से हम सभी आशंकित हैं। पंजाब में कोई सुरक्षित नहीं है, खासकर हिंदू नेता, हमें नहीं पता किस के रूप में हमारी मौत सामने आ जाए। ये दौर सरकार की नाकामियों की देन है, जहां हिंदू नेताओं और डेरा प्रमुखों को दिन-दहाड़े गोलियां मारकर कत्ल कर दिया जाता है और हमें ही दोषी ठहराते हैं। पंजाब में बदलाव की बात करने वाली पार्टी की सरकार हमने चुनी तो बदले में कत्ल, लूट-पाट, चोरी और गैंगस्टरों की आये दिन धमकियां मिली, माहौल सरकार के कंट्रोल से बाहर है। विदेशों में बैठे गैंगस्टर पंजाब का अमन-चेन छीन रहे हैं, उसमें अमृतपाल जैसे युवा चेहरे दो पक्षों के बीच में दरार पैदा कर नफरत के बीज बो रहे हैं। अगर ऐसे लोगों पर लगाम नहीं कसी गई तो हालात धीरे-धीरे और खराब होते जाएंगे। वहीं राजनीतिक लोग अपनी रोटियां सेंकने के लिए हत्याओं पर भी राजनीति करने से नहीं चूकते और उनके भड़काऊ बयान के कारण हिंदू नेता जब घर से निकलते हैं तो हथियार लेकर चलते हैं, ताकि खुद का बचाव कर सकें। संजीव घनौली ने कहा कि अमृतपाल पर अभी रोक लगाने की जरूरत है जो नौजवान पीढ़ी को गुमराह कर उन्हें भड़का रहा है। कत्ल एक पगड़ीधारी ने किया उससे भाईचारा खराब नहीं होगा, लेकिन उसके बाद जो बयान दिए वो आग लगाने के लिये काफी हैं।