संवाद न्यूज एजेंसी
जालंधर। बॉलीवुड फिल्म यारियां-2 सिखों की भावनाओं से खिलवाड़ करने के विवादों से घिर गई है। जालंधर में फिल्म के एक्टर निजान जाफरी, डायरेक्टर राधिका राव, विनय सपरू और प्रोड्यूसर टी सीरीज कंपनी के मालिक भूषण कुमार के खिलाफ सिख संगठनों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हो गई है। वहीं सिखों की संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने फिल्म में सिरी साहिब (किरपाण) दिखाने को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया है। वहीं शाम को सिख तालमेल कमेटी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि पूरे देश में कहीं भी फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। हर राज्य में इसका विरोध किया जाएगा।
जालंधर के थाना डिवीजन चार में पुलिस को दी शिकायत में सिख तालमेल कमेटी के सदस्यों ने एक्टर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए 295-ए के तहत मामला दर्ज करवा दिया है। सिख तालमेल कमेटी की तरफ से परदेसी ऑटो स्पेयर पार्ट के मालिक अली पुली मोहल्ला निवासी हरप्रीत सिंह नीटू ने एफआईआर दर्ज करवाई है। नीटू ने कहा कि सिखों को गुरु साहिब ने जो 5 ककार (5 चिह्न) दिए हैं, उन्हें धारण करने के लिए व्यक्ति का अमृतधारी सिख होना जरूरी है, लेकिन फिल्म में क्लीन शेव हीरो (निजान जाफरी) सिखों के 5 ककारों में से एक सिरी साहिब (किरपाण) पहनकर गाना गा रहा है। इस गाने में फिल्म के डायरेक्टर, एक्टर और प्रोड्यूसर ने ककार की बेअदबी की है और साथ ही सिख मर्यादा का उल्लंघन भी किया है। हरप्रीत सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि यारियां-2 के गाने में जानबूझ कर सिखों की भावनाओं को आहत करने के लिए श्री साहिब पहन कर गाना फिल्माया गया है। इससे जहां सिख चिह्नों का अपमान हुआ है, वहीं सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।