संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। बाढ़ग्रस्त इलाकों से भले ही पानी निकल चुका है। मौजूदा समय में किसानों की ओर से अपने खेतों और घरों में एकत्रित हुई मिट्टी और रेत हटाए जाने का काम किया जा रहा है लेकिन इस बीच किसानों के खेतों की हदबंदी को लेकर एक बड़ी समस्या पैदा होने की स्थिति बन चुकी है। जिला प्रशासन का दावा है कि इस तरह की किसी भी स्थिति अगर पैदा होती है तो रेवेन्यू विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक उसका हल निकाल लिया जाएगा। किसानों की खेतों में कई फीट तक रेट जमा हो चुकी है इसके अलावा पानी जमा होने के कारण खेतों की हदबंदी भी पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है जिस कारण मिट्टी निकालने के बाद किस किस की जमीन कहां तक है इसका पता लगाना काफी कठिन होगा। डीसी साक्षी साहनी ने कहा कि हदबंदी को लेकर आने वाली समस्या उनके ध्यान में है। फिलहाल इस तरह का कोई भी केस नहीं मिला है। क्योंकि मौजूदा समय में मिट्टी और रेत निकालने का काम जारी है।