जालंधर। स्थानीय अदालत ने 200 करोड़ के इंटरनेशनल ड्रग रैकेट के सरगना राजा कंदोला को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। पुलिस कोर्ट में आरोपों के आधार पर सबूत नहीं पेश कर पाई। लिहाजा अदालत ने कंदोला को बरी कर दिया। इससे पहले 2018 में भी गढ़शंकर में ड्रग तस्करी के केस में राजा कंदोला बरी हो गया था, जिसके बाद पुलिस की खासी किरकिरी हुई थी। राजा कंदोला की तरफ से वरिष्ठ वकील मंदीप सचदेवा पेश हुए, जिन्होंने बहस की और साबित किया कि पुलिस के पास ड्रग बरामदी के पुख्ता सबूत नहीं है। दोनों पक्षों में दलील हुई। आखिरकार अदालत मंदीप सचदेवा की दलीलों से सहमत हो गई और राजा कंदोला को बरी कर दिया गया। राजा कंदोला पर साल 2012 में नशा तस्करी का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने दावा किया था उक्त ड्रग्स रैकेट करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा का था।
पुलिस ने दिल्ली से किया था गिरफ्तार
राजा कंदोला मूल रूप से नवांशहर का रहने वाला है। करीब 11 साल पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के सब्जी मंडी स्टेशन से फरार हुए रंजीत सिंह उर्फ राजा कंदोला को गिरफ्तार किया था। केस में राजा कंदोला का ड्राइवर सुखजिंदर सिंह उर्फ कमांडो, उसकी गर्लफ्रेंड भी गिरफ्तार हुआ था। एक जून 2012 को जालंधर की देहात पुलिस ने ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने बंगा के गांव हैप्पोवाल के रहने वाले रंजीत सिंह कंदोला की पत्नी रजवंत कौर, बेटे बैली सिंह, प्रेमिका वान्या सहित 19 लोग पकड़े थे, लेकिन राजा पकड़ा नहीं गया था। 14 अगस्त 2012 को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने राजा को लोधी रोड से दबोच लिया था। रंजीत की पत्नी राजवंत कौर के खिलाफ भी एनडीपीएस और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में पंजाब पुलिस ने केस दर्ज किया था। राजवंत के बैंक खातों से करोड़ों का लेनदेन हुआ था। इसका हिसाब आयकर विभाग को नहीं दिया गया था।