पंजाब रोडवेज पनबस कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन ने रोडवेज डिपो में गेट रैली कर रोष जताया।
सेंटर बॉडी सदस्य राज कुमार, जोगिंद्र पाल लवली ने कहा कि पंजाब सरकार सभी विभागों को कोरोना की आड़ में खत्म करने और लोक विरोधी कानून लागू करने में लगी है। इसके अलावा पंजाब रोडवेज पनबस विभाग को चलाने की जगह प्राइवेट कंपनियों (ट्रांसपोर्ट माफिया) को लाभ देने में लगी है। सरकारी बसों के बाहरी राज्यों में पाबंदी लगाना व प्राइवेट को छूट देना, रोडवेज में केवल 25 और प्राइवेट बसों में 70 सवारियों तक छूट देना इसका हिस्सा है। वहीं, दूसरी तरफ आहलुवालिया रिपोर्ट में पंजाब रोडवेज व पीआरटीसी को अनदेखा करना सरकार की नीतियों को साफ करता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो वह 7 सितंबर को सरकार व मोंटेक सिंह आहलुवालिया के पुतले फूंकने को मजबूर होंगे। आने वाले समय में संघर्ष को और भी तीव्र किया जाएगा।