फरीदकोट। बहिबल कलां में 2015 के बरगाड़ी बेअदबी मामले, उससे जुड़े बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर चल रहे इंसाफ मोर्चे ने रविवार को पंथक बैठक के बाद सरकार को 15 दिन का समय और दे दिया है। इस दौरान एक अगस्त से मोर्चे में पाठ शुरू किए जाएंगे और 15 अगस्त तक सिख संगत को अपने घरों पर केसरी झंडे फहराने का आह्वान किया है। इससे पहले मोर्चे में पंथक नेताओं ने संघर्ष को लेकर अपने-अपने विचार रखे और चर्चा के दौरान सरकार को और समय न देने, नवनियुक्त एजी विनोद घई को हटाने समेत मोगा के मल्लके बेअदबी केस में दोषी साबित हो चुके डेरा सिरसा की पंजाब में गतिविधि रोकने की आवाज उठाई गई। इसके बाद सरकार को 15 दिन का समय दिया और इस दौरान संगत को लामबंद करने का फैसला किया।
इस मौके पर पंजाब सरकार की तरफ से विधानसभा स्पीकर कुलतार संधवां भी पहुंचे, लेकिन मोर्चे ने सरकार को समय देने के उनके आग्रह को ठुकरा दिया। यह मोर्चा पिछले साल 16 दिसंबर से चल रहा है और राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद मोर्चे ने 10 अप्रैल को नेशनल हाईवे जाम कर दिया था, जिस पर सरकार ने 3 माह का समय मांगा था। तीन माह खत्म होने पर सरकार ने एक सप्ताह और समय की मांग रखी और मोर्चे ने 15 दिन का समय दिया। यह समय अवधि खत्म होने पर 24 जुलाई को सरकार की तरफ से बहिबल कलां पहुंचे कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने 6 माह और मांगे थे, जिसके बाद मोर्चे ने समय देने से इन्कार कर संघर्ष करने का एलान किया था और संघर्ष की रूपरेखा तैयार करने के लिए 31 जुलाई को पंथक बैठक बुलाई गई थीं।