संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। मंगलवार की रात सिविल अस्पताल में इलाज न मिलने पर महिला द्वारा बरामदे में फर्श पर बच्चे को जन्म देने वाला मामला तूल पकड़ चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद विपक्षी दलों ने सत्ताधारी दल को घेर लिया। मामले को लेकर वीरवार को जहां एक तरफ भाजपा ने सिविल अस्पताल के बाहर ‘आप’ सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया। वहीं, कांग्रेस ने भी मामले में मुख्यमंत्री और सेहत मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा, स्थानीय समाजसेवी संस्थाओं ने भी डीसी को मांगपत्र सौंप उक्त मामले के जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद सिविल सर्जन ने 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर जांच शुरू करवाई और डीसी ने भी सहायक आयुक्त के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया है। फिलहाल मामला गरमाता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक पार्टियों के नेता सत्ताधारी दल पर उक्त मामले को लेकर दबाव बनाते नजर आ रहे हैं।
भाजपा ने सिविल अस्पताल के बाहर फूंका पुतला
सिविल अस्पताल पठानकोट प्रबंधन द्वारा मरीजों के इलाज में की जा रही लापरवाही का आरोप लगाकर जिला अध्यक्ष विजय शर्मा के नेतृत्व में भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री और पंजाब सरकार का पुतला फूंका। भाजपा जिला प्रवक्ता योगेश ठाकुर ने कहा कि गरीब परिवार की महिला अपने परिजनों के साथ डिलीवरी करवाने यहां पहुंची, लेकिन सिविल अस्पताल के स्टाफ द्वारा उससे दुर्व्यवहार करते हुए उसे रेफर कर दिया गया। आर्थिक मजबूरी के चलते वह अस्पताल प्रशासन से गुहार लगाते रहे कि उसका ट्रीटमेंट यहीं किया जाए। लेकिन, लापरवाही की पराकाष्ठा यह रही कि गर्भवती को भर्ती तक नहीं किया गया। जिसके चलते उसने बरामदे में ही अपने बच्चे को फर्श पर जन्म दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना होने के बावजूद पंजाब सरकार द्वारा सिविल अस्पताल प्रबंधन पर एक्शन न लिया जाना पंजाब के लोगों के प्रति सेहतमंत्री की संवेदनहीनता को प्रकट करता है।
सिविल अस्पताल में कई अनियमितताएं : भाजपा
भाजपा जिला प्रधान विजय शर्मा ने कहा कि पठानकोट विकास मंच द्वारा एसी तथा नॉन एसी कमरे बनाकर सिविल अस्पताल प्रबंधन के सुपुर्द किए गए, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा वहां मरीजों की भर्ती न किया जाना अस्पताल प्रबंधन की कार्यक्षमता पर प्रश्न चिन्ह उठाता है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भाजपा द्वारा सैकड़ों यूनिट ब्लड इकट्ठा करके सिविल अस्पताल ब्लड बैंक को दिया गया, लेकिन जिन्होंने ब्लड दिया उनके पास सर्टिफिकेट होने के बावजूद उन्हें अपने परिजनों के लिए ब्लड नहीं दिया जाना भी स्वास्थ्य विभाग की नीयत पर प्रश्न चिन्ह उठाता है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पीपीसीसी कोषाध्यक्ष अमित विज ने कहा कि सिविल अस्पताल की घटना पंजाब सरकार के लिए शर्मनाक है। इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगता है। अमित विज ने कहा कि सिविल अस्पताल में महिला ने जब फर्श पर जन्म दिया तो यह सारा वाक्या मौके पर मौजूद डॉक्टरों या सेहत कर्मियों ने भी देखा होगा। महिला किस पीड़ा या दुखदायक समय से गुजरी होगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्हाेंने कहा कि पंजाब की मान सरकार को तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए ताकि फिर से इस तरह की घटना घटित न हो। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार रहते हुए जच्चा-बच्चा वार्ड महिलाओं के लिए बनाया गया, परंतु नई बनी सरकार की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि फिर किसी बहन को इस तरह की दुखदायी पीड़ा से न गुजरना पड़े। पठानकोट सिविल अस्पताल में डायलिसिस तक के लिए भी लोग तरस रहे हैं।