बादल परिवार ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को कमीज की तरह बदला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह ने कहा है कि बादल परिवार ने सिख कौम के सिरमौर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को हमेशा कमीज की तरह बदला है। अब भी ज्ञानी हरप्रीत सिंह की कार्यकारी जत्थेदार से इसलिए छुट्टी की गई है क्योंकि उसने सुखबीर बादल को माफी दिए जाने से मना कर दिया था। एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी नवनियुक्त जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह को सुखबीर के पास एक सप्ताह पहले लेकर गए थे, जहां पर उसने हाथ जोड़े तो उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की जत्थेदारी मिली।
श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रंजीत सिंह पंथक लहर के तमाम सदस्यों के साथ जालंधर में मीडिया से मुखातिब थे। इस दौरान भाई रंजीत सिंह ने कहा कि जब प्रकाश सिंह बादल की अंतिम अरदास हुई तो सुखबीर बादल ने कहा था कि उनके परिवार से जो भूल हुई है उसे माफ किया जाए। ज्ञानी हरप्रीत सिंह को भी कहा गया था कि वह माइक पर आकर सीधा बोल दें कि बादल परिवार से जो भूल हुई है उसे माफ किया जाए, लेकिन ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कह दिया कि भूल की माफी तो श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर मिलेगी और वहां पर बताना भी होगा कि भूल क्या हुई है ?
जत्थेदार रंजीत सिंह ने कहा कि बादल परिवार श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर कभी अपने गुनाह कबूल नहीं करेगा, इसलिए ज्ञानी हरप्रीत सिंह की छुट्टी कर दी गई। जत्थेदार रंजीत सिंह ने कहा कि बादल परिवार ने हमेशा एसजीपीसी की दुरुपयोग किया है। बादल जिस चैनल के मालिक हैं, उसको टैंट लगाने का ठेका एसजीपीसी ने दे दिया और करोड़ों रुपये बिल अदा किया गया। चोहला साहिब में 500 एकड़ जमीन का मामला हो या सुखबीर बादल के परिवार के प्रसार व प्रचार का, इसके लिए एसजीपीसी का पैसा खर्च किया गया।
अब वक्त आ गया है कि एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाया जाए। इसके लिए हमारी पंथक लहर ने अपना गांव-गांव अभियान शुरू कर दिया है। बादल परिवार ने एसजीपीसी की करोड़ों रुपये की जमीनों को खुर्द बुर्द कर दिया है, जिसमें संगत का दान दिया हुआ पैसा लगा है।
हमें गांव से व्हाट्स एप करें, हम कमेटी बनाएंगे, हर वोटर पर नजर रहेगी
जत्थेदार रंजीत सिंह ने एक व्हाट्स एप नंबर 7087081122 जारी किया। गांवों में सिख वोटरों को बनाने के लिए इस नंबर पर कमेटी बनाकर जानकारी दी जाए। पिछली बार 13 साल पहले जब एसजीपीसी चुनाव हुए थे तो बादल परिवार ने जीतने के लिए नकली वोटर पैदा कर दिए थे लेकिन इस बार सिख संगत से गुजारिश है कि गांव में कमेटी बनाकर इस नंबर पर सूचना दी जाए।