पंजाब के फिरोजपुर में गांव लल्ले स्थित राधा स्वामी डेरे में ठहरे लोगों के कोरोना सैंपल लेने पहुंची सेहत विभाग की टीम के दो डॉक्टर समेत पांच सदस्य बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। इन्हें तुरंत फिरोजशाह के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। एक लैब टेक्नीशियन की हालत ज्यादा बिगड़ती देख उसे फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में रेफर किया।
बताया जा रहा है कि फिरोजशाह अस्पताल के एसएमओ द्वारा एक दिन पहले सैंपल लेने की जिला प्रशासन को जानकारी दी थी, लेकिन वहां पर टीम के न तो बैठने और न ही पीने के पानी का इंतजाम किया था। टीम के सदस्य गर्मी में पीपीटी किट पहले एक पेड़ के नीचे खड़े होकर लोगों के सैंपल ले रहे थे, अभी साठ लोगों के सैंपल लिए थे कि टीम के पांच सदस्य बेहोश हो गए।
गांव लल्ले में राधा स्वामी डेरा है, यहां पर जिला प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आए लगभग सवा सौ लोगों को ठहराया हुआ है। फिरोजशाह अस्पताल के चार डाक्टर और टीम के अन्य सदस्य भीषण गर्मी में पीपीटी किट पहनकर लोगों के कोरोना संबंधी सैंपल ले रहे थे, साठ लोगों के सैंपल ले चुके थे कि गर्मी के कारण दो डॉक्टर समेत पांच सदस्य एकाएक कर बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े।
सदस्यों के बेहोश की खबर सुनते ही वहां पर अफरातफरी मच गई। बेहोश लोगों को फिरोजशाह के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां पर एक लैब टेक्नीशियन की ज्यादा तबीयत खराब होती देख उसे फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया है। उधर, फिरोजशाह अस्पताल की एसएमओ डॉ. वनीता भुल्लर ने बताया कि उनकी टीम गांव लल्ले स्थित राधा स्वामी डेरे में ठहरे लोगों के कोरोना संबंधी सैंपल लेने गई थी।
टीम में चार डॉक्टरर व अन्य सदस्य थे। डॉक्टर ने बताया कि सैंपल लेने संबंधी एक दिन पहले जिला प्रशासन को अवगत करवाया था, ताकि वहां पर टीम के बैठने और पीने के पानी का इंतजाम किया जा सके, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम के सदस्यों ने पीपीटी किट पहनी थी और गर्मी में पेड़ के नीचे खड़े होकर सैंपल ले रहे थे कि उनकी टीम के पांच सदस्य बेहोश हो गए, इनमें दो डॉक्टर भी शामिल है।
डॉ. भुल्लर ने बताया कि सैंपल लेते समय कई काम होते हैं जैसे एक मरीज की जानकारी फार्म में अंकित करनी होती है, ये सभी काम बैठ कर होते हैं खड़े-खड़े नहीं होते हैं। साठ लोगों के सैंपल ले चुके थे कि टीम की हालत खराब हो गई।