- परिवार और गांव करोली के लोगों ने दो घंटे जाम रखा पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे
संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। कठुआ के डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले पठानकोट के गांव करोली निवासी अरुण का शव छात्रावास में फंदे से लटकता मिला। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन परिवार ने हत्या का अंदेशा जताया है। परिवार ने जब शव को देखा तो चोट के निशान थे। इसके बाद गुस्साए परिवार और गांव करोली के लोगों ने शनिवार सुबह पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे स्थित लखनपुर में सड़क के बीच शव रखकर धरना लगा दिया।
प्रदर्शन के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान परिवार और गांव वासियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की। लगभग दो घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद एडिशनल एसपी परमजीत सिंह के साथ पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर लोगों को धरने से उठाया। बताया जा रहा है कि टीम ने छात्रावास के कमरे से सुबूत जुटाए हैं। इसके अलावा, मृतक के आखिरी बार संपर्क में आए छात्रों से भी पूछताछ की जा रही है। कठुआ के एसएसपी शिवदीप सिंह जम्वाल का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
परिवार का आरोप - शव पर थी मिट्टी और रेत
गांव करोली निवासी अरुण बिलावर में अपनी नानी के घर रह रहा था। परिवार का आरोप है कि अगर अरुण ने फंदा लगाया तो उसके शव पर मिट्टी और रेत कहां से आई है। अरुण की मौत के बाद शव को पुलिस और कॉलेज प्रबंधन ने परिवार की मर्जी के बिना अस्पताल पहुंचा दिया। प्रबंधन ने उन्हें सूचना देने के बजाय एसएसपी को सूचित किया। एसएसपी कार्यालय ने थाना मामून और वहां से उन्हें सूचना मिली। अरुण की नानी ने कहा कि छात्रावास के कमरे में वह अकेला रहता था। कॉलेज प्रबंधन ने उसे अन्य कमरे में शिफ्ट तक नहीं किया।