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70 एकड़ जमीन पर पराली जलाए बिना खेती करते हैं दलेर सिंह, साथी किसानों ने की थी अलोचना

Tue, 06 Oct 2020 04:51 PM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
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किसान दलेर सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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माहिलपुर के गांव कोटला के किसान दलेर सिंह (35) पांच वर्ष से पराली को बिना आग लगाए अपनी 70 एकड़ जमीन पर खेती कर रहे हैं। शुरुआत में हैप्पी सीडर से गेहूं की बिजाई को देखकर उनके साथी किसान आलोचना करते थे। बाद में गेहूं की शानदार पैदावार देख आलोचना करने वाले किसान हैरान रह गए।

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दलेर सिंह ने बताया कि 2016 में उन्होंने पहली बार 70 एकड़ में धान की पराली में गेहूं की सीधी बिजाई सफलतापूर्वक की थी। सुपर एसएमएस (स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम) कंबाइन से धान की कटाई करने के बाद हैप्पी सीडर तकनीक से गेहूं की बिजाई का तरीका बहुत ही आसान है। हैप्पी सीडर तकनीक से गेहूं की बिजाई से खर्च कम होने के साथ-साथ खरपतवार की समस्या से भी निजात मिलती है।

दिलेर के पास हैप्पी सीडर, सुपर सीडर के अलावा दो कंबाइन हैं जिनपर एसएमएस लगा हुआ है। इसके अलावा वह अपने गांव व आसपास के गांवों में भी सुपर एसएमएस (कंबाइन पर लगने वाला यंत्र) कंबाइन से धान की कटाई करते हैं।
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युवा किसान दलेर सिंह ने गांव के अन्य किसानों को भी पराली न जलाने के लिए प्रेरित किया है। यही कारण है कि इस गांव में कोई भी किसान पराली नहीं जलाता। अब गांव कोटला के नजदीकी गांवों के किसान भी धान की पराली को आग न लगा कर सुपर एसएमएस के माध्यम से धान की कटाई करने के बाद हैप्पी सीडर की मदद से गेहूं की सीधी बिजाई करते हैं।

डीसी अपनीत रियात ने दलेर सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि बाकी किसान भी आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए पराली न जलाएं। आग लगाने से वातावरण दूषित होता है और कई बीमारियां पैदा होती हैं। इसके अलावा जमीन की उर्वरा शक्ति भी कम होती है क्योंकि मित्र कीड़े मर जाते हैं।

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