जिला पुलिस ने चार दिन पहले गांव बरगाड़ी में हुए एक विधवा सुखदेव कौर के
कत्ल केस की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। इस घटना को मृतका की जमीन
हड़पने और उसके पास मौजूद नगदी लूटने की मंशा से उसके सगे भांजे ने अपने एक
दोस्त की मदद से अंजाम दिया था।
पुलिस ने मृतका के भांजे व कोटकपूरा
निवासी जतिंदर सिंह पुत्र हरद्रिंपाल सिंह और उसके दोस्त फरीदकोट के माई
गोदड़ी निवासी सिकंदर सिंह पुत्र सुरिंदर सिंह को गिरफ्तार भी कर लिया है।
दोनों आरोपी चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहे हैं और वहां दोनों एक साथ ही रहते
थे।
पुलिस के अनुसार बरगाड़ी के रूलिया सिंह नगर में अकेली रहने वाली
सुखदेव कौर (58) की बीती 11 जून को हत्या हो गई थी। मृतका के भाई महकम सिंह
के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। परिवार के अनुसार
सुखदेव कौर का विवाह 40 वर्ष पहले जगतार सिंह उर्फ छिंदा से हुआ था। कोई
औलाद न होने पर सुखदेव कौर ने अपनी ननद के एक बेटे को गोद ले लिया था।
करीब
10 साल पहले उसके पति जगतार सिंह की मौत हो गई थी और करीब 5 वर्ष पहले गोद
लिया बेटा भी एक सड़क हादसे में मर गया था। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि
सुखदेव कौर के ससुराल परिवार के पास 14 एकड़ जमीन थी जिसमें से सात ठेके
उसकी सास गुरदेव कौर व उसकी ननद का बेटा जतिंदर सिंह ठेके पर देते था। बाकी
7 एकड़ को सुखदेव कौर ठेके पर देती थी।
हत्या की घटना सामने आने के
बाद मृतका के भाई ने भी घटना के लिए जतिंदर सिंह पर शक जताया था और शक के
आधार पर पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है।
डीएसपी
जैतो सुखदेव सिंह के बताया कि जतिंदर सिंह ने खुलासा किया कि उसने एक दिन
अपनी मामी को जमीन के ठेके से मिली 1.30 लाख की रकम रखते हुए देख लिया था
और उस पैसे को लूटने की मंशा से उसने अपने दोस्त की सहायता से मामी की
हत्या कर डाली। डीएसपी के अनुसार जतिंदर सिंह ने अपनी मामी के हिस्से वाली
जमीन पर आंख टिकाई हुई थी और इस हत्या की एक मुख्य वजह जमीन हड़पने की
लालसा भी हो सकती है। पुलिस ने दोनों युवकों को अदालत में पेश करके दो
दिनों के रिमांड ले लिया है।