पुलिस का दावा
वहीं पुलिस के अनुसार 5 जून की शाम थाना मेहतपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर अमन सैनी को गुप्त सूचना मिली थी कि अटेम्प्ट टू मर्डर सहित कई मामलों में वांछित लवप्रीत सिंह अपने घर के नजदीक मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम जब गांव बांगीवाल पहुंची तो आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार उसे काबू करने के दौरान आरोपी और उसके परिजनों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि लवप्रीत की माता कुलदीप कौर और बहन गगनदीप कौर उर्फ गगन सहित अन्य लोगों ने डंडों और तेजधार हथियारों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
पुलिस का दावा है कि स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब भीड़ में से किसी व्यक्ति ने जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस कर्मियों ने फायरिंग की। पुलिस के अनुसार लवप्रीत ने एक पुलिस कर्मी का सरकारी हथियार छीनने की भी कोशिश की, जिसके चलते जवाबी कार्रवाई में चली गोलियां उसकी जांघ में लगीं और वह घायल हो गया।
पुलिस का कहना है कि घायल लवप्रीत को अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन परिजनों और भीड़ ने पुलिस का विरोध किया। बाद में गांव के गणमान्य लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने कुलदीप कौर, गगनदीप कौर, लवप्रीत सिंह उर्फ लब्बा और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, हथियार अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।