गांव सलारपुर में वीरवार देर शाम को जमीन विवाद में किसान की हत्या के मामले में स्थानीय सदर थाना की पुलिस ने आठ लोगों को काबू कर लिया है।
इसमें तीन एनआरआई यूके सिटीजन भाई भी शामिल हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गोली एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह निवासी बड़ा पिंड ने मारी थी।
पुलिस के अनुसार उसने मनोहर लाल की लाइसेंसी रिवाल्वर का इस्तेमाल किया था। एडीसीपी सिटी टू अमरीक सिंह पवार का कहना है कि पुलिस कुलबीर की तलाश में छापामारी कर रही है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आरोपियों की पहचान यूके सिटीजन रेशम चंद, मोहिंदर पाल, पाल राम, ठाकुर दास और बड़ा पिंड निवासी हरी राम, मोती, सुरिंदर घुग, कमलजीत के रूप में हुई है। एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह बड़ा पिंड, सुखविंदर सिंह व मनोहर फरार चल रहे हैं।
वीरवार देर शाम जालंधर कैंट के पास पड़ते गांव सलारपुर में जमीन पर कब्जे के लिए एनआरआई और एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह ने गोलियां चलाकर किसान शिंगारा चंद की हत्या कर दी थी।
वहीं उसके बेटे और भाई को घायल कर दिया। गांव सलारपुर के शिंगारा चंद ने अपने रिश्तेदार यूके के रहने वाले एनआरआई रेशम व उसके भाइयों से ठेके पर खेतीबाड़ी को दस साल के लिए जमीन ली थी।
ठेका खत्म होने वाले समय से पहले ही एनआरआई रेशम सिंह शिंगारा से जमीन वापस मांगने लगा। इसे लेकर वीरवार रात को एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह और तीनों एनआरआई भाई कई लोगों को साथ लेकर जमीन का कब्जा लेने सलारपुर आए थे।
वहां पर विवाद के बाद कुलबीर सिंह बड़ा पिंड ने मनोहर के लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर शिंगारा चंद की हत्या कर दी थी। एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह आतंकवाद के दौर में अमेरिका भाग गया था। भारत सरकार के प्रयास के बाद अमेरिका ने उसे वापस भेज दिया। उस पर कई मामले दर्ज थे, जिनमें वह बरी हो गया था।
इसके बाद कुलबीर सिंह बड़ा पिंड आजाद तौर पर एसजीपीसी चुनावों में खड़ा हुआ। इसमें विजेता भी रहा। 2012 में पंजाब सरकार ने एसजीपीसी सदस्य कुलबीर सिंह बड़ा पिंड को हथियार व देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। इसमें भी वह बरी होकर बाहर आ गया था।