मॉडर्न जेल में तीन हवालातियों की मौत का मामला जेल प्रशासन की गले की फांस
बन गया है। दस दिन के अंतराल में जेल में हुई तीन मौतों ने जेल प्रशासन की
कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
सीएम प्रकाश सिंह बादल के नोटिस
में मामला आते ही उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है और तत्काल जांच के आदेश
दिए। सीएम के आदेशाें की तामील करते हुए आईजी जेल जगजीत सिंह मंगलवार को इस
मामले की जांच करने के कपूरथला पहुंचे। स्थानीय रेस्ट हाउस में आईजी जेल
ने सबसे पहले नफासत हुसैन की मौत की पड़ताल शुरू की।
नफासत की मां नूरजहां,
पंजाब गुर्जर एसोसिएशन के प्रधान करमुद्दीन और अन्य परिजन भी आईजी जेल से
मिले।
आईजी जेल जगजीत सिंह ने बताया कि सीएम बादल ने उन्हें जांच की
जिम्मेदारी दी है। सीएम के संज्ञान में पूरा मामला है। इसकी रिपोर्ट जल्द
ही उनको सौंप दी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं
होने दिया जाएगा।
नफासत की मां नूरजहां और परिजनों से मुलाकात करके उनके
बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी। आईजी
जेल ने बताया कि किसी भी हवालाती की उम्र के प्रमाण की जांच करना पुलिस का
काम है, उन्होंने तो सिर्फ अदालत के वारंट की तामील करनी होती है। नाबालिग
को बाल सुधार गृह भेजने के बारे में पुलिस ही सटीक जवाब दे सकती है। उनके
पास जो दस्तावेज पहुंचे हैं, उनमें नफासत की आयु 19 साल है।
नूरजहां ने
कहा कि उन्होंने आईजी जेल से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने आश्वासन
दिया कि पूरा इंसाफ मिलेगा। साथ ही उन्होंने बनता मुआवजा दिलाने की भी बात
कही है। जेल में पुलिस की कमी संबंधी पूछने पर उन्होंने कहा कि वैसे तो कमी
को दूर करने के लिए पेसको, पीएपी व होमगार्ड जवान तैनात किए हुए हैं। फिर
भी स्थायी जेल पुलिस कर्मियों की तैनाती को पूरा करने के लिए विभाग में
जल्द भर्ती शुरू की जाएगी।