लुधियाना-सतलुज पुल के पास बसे फिल्लौर इलाके के डीएसपी अश्वनी अत्री को
सस्पेंड कर दिया गया है। उसने 24 जुलाई को फिल्लौर स्थित होटल आरसी प्लाजा
में जाकर खाना खाया। वहीं बिल मांगने पर पुलिस टीम के साथ छापामारी कर वहां
पर अपनी वर्दी की पूरी दबंगई दिखाई। इस मामले में जालंधर रेंज के डीआईजी
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने एसपी हेडक्वार्टर कुलवंत सिंह हीर को उच्च
स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इसकी रिपोर्ट बुधवार रात को फाइनल होने के बाद
डीएसपी अत्री को सस्पेंड कर दिया गया है।
होटल आरसी प्लाजा में 24
जुलाई को इलाका डीएसपी अश्वनी अत्री अपने साथियों के साथ खाना खाना गए थे।
वहां पर उनका 1500 रुपये बिल बना। डीएसपी से बिल मांगने पर उन्होंने इलाका
एसएचओ और पुलिस मुलाजिमों के साथ होटल में छापामारी की। होटल के एमडी जगदीश
चंद्र के मुताबिक न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि मैनेजर व अन्य को थाने
ले जाया गया।
उधर, प्रदेश बसपा के प्रधान अवतार सिंह करीमपुरी बीते
दिनों अपने फिल्लौर-गोराया दौरे के दौरान होटल आरसी प्लाजा के मालिक जगदीश
चंद्र को मिले। उन्होंने उनको आश्वासन दिया कि बसपा ऐसे अधिकारियों के
खिलाफ जंग लड़ेगी। वहीं डीआईजी जालंधर रेंज कुंवर विजय प्रताप ने एसएसपी
देहाती जसप्रीत सिंह सिद्धू को आदेश दिए थे कि इस मामले की उच्च स्तरीय
जांच एसपी हेडक्वार्टर कुलवंत सिंह से करवाई जाए।
डीआईजी कुंवर विजय प्रताप
ने कहा कि प्राथमिक रिपोर्ट में डीएसपी अश्वनी अत्री की गलती पाई गई है,
इसलिए सस्पेंड किया गया है। वहीं डीएसपी फिल्लौर अश्वनी अत्री का कहना है
कि उनका कसूर नहीं था, वह होटल आरसी प्लाजा में खाना खाने गए थे। खाने के
बाद बाकायदा उन्होंने बिल अदा किया था। वहां पर होटल में अवैध रूप से शराब
और जुआ भी चलता है। इसे लेकर उन्होंने छापामारी की थी।