गांव दोसांझ में धान की पराली की आग से बुजुर्ग महिला 80 प्रतिशत झुलस गई। उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। थाना मेहना पुलिस ने किसान के खिलाफ महिला की मौत और जिला मैजिस्ट्रेट के आदेशों की उल्लंघना करने के आरोप में दो अलग-अलग केस दर्ज किए हैं।
इस केस की जांच कर रहे एएसआई सुखजिंदर सिंह ने बताया कि गांव दोसांझ में किसान गुरप्रीत सिंह उर्फ राजू ने अपने खेत में शनिवार देर शाम को धान की पराली के नाड़ी को आग लगा दी थी। इस वजह से वहां धुआं फैला हुआ था। इस दौरान गांव की गरीब दलित परिवार की बुजुर्ग महिला जीतो (80) पत्नी दलबारा सिंह अपने घर से अपने बेटे हरजीत सिंह के घर जा रही थी। धान की पराली के नाड़ी को लगाई आग कारण धुएं की वजह से उसकी आंखों में धुंधलापन आ गया।
इस दौरान आग की तेज लपटों ने बुजुर्ग महिला को अपनी चपेट में ले लिया। वह करीब 80 प्रतिशत झुलस गई। इस दौरान कुछ नौजवानों ने बुजुर्ग महिला को आग की लपटों में से निकालकर सिविल अस्पताल लाया। उसकी हालत गंभीर होने से उसे गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज फरीदकोट रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। थाना मेहना पुलिस ने मृतक बुजुर्ग महिला के पोते रेशम सिंह के बयान पर किसान गुरप्रीत सिंह उर्फ राजू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी किसान के खिलाफ जिला मैजिस्ट्रेट के आदेशों की उल्लंघना करने के आरोप में एक अन्य केस दर्ज किया गया है। जिला मैजिस्ट्रेट ने धान की पराली को आग न लगाने के आदेश जारी किए होने के बावजूद किसानों की ओर से खेतों में पराली को धड़ल्ले से आग लगाई जा रही है।
जिले में अब तक किसानों के खिलाफ कुल 4 केस दर्ज किए गए हैं और 2013 में करीब 19 केस दर्ज किए गए, लेकिन 2014 में लोकसभा चुनाव होने से जिले में सिर्फ एक किसान के खिलाफ और 2015 में 2 किसानों खिलाफ केस दर्ज हुए हैं।