दुराचार पीड़ित छात्रा के पिता पर दुष्कर्म का केस
सरकारी नौकरी का झांसा देकर नेपाली लड़की से रेप का आरोप
घटना के एक माह बाद एसआईटी जांच के बाद की गई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। थाना कोतवाली पुलिस ने 6 साल पुराने बहुचर्चित नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुराचार मामले के पीड़ित पिता अश्विनी सचदेवा के खिलाफ एक नेपाली लड़की को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। यह घटना 31 अगस्त की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस न एसपी (एच) की अगुवाई में गठित विशेष जांच टीम से मामले की पड़ताल कराने के बाद केस दर्ज किया है।
पुलिस को दिए बयान में 26 वर्षीय नेपाली लड़की ने बताया कि वह साल 2016 में एक निजी मोबाइल कंपनी के शोरूम पर काम करती थी। वहां पर फरीदकोट निवासी अश्विनी सचदेवा भी बतौर ग्राहक आता जाता था। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और जुलाई 2018 में उनका फेसबुक पर भी कनेक्ट हो गया। घटना से एक माह पहले आरोपी ने लड़की को झांसा दिया कि उसकी पत्नी सरकारी नौकरी करती है, वह तुझे भी नौकरी पर लगवा देगी। बयान के मुताबिक घटना वाले दिन आरोपी ने लड़की को फोन पर बताया कि उनके घर पर सरकारी विभाग वाले आए है और वह अपने प्रमाण पत्र लेकर उनके घर पर आ जाए। जब लड़की घर पहुंची तो अश्विनी अपने घर पर अकेला ही था।
पहले उसने लड़की को जूस पिलाया और बाद में उसे सरकारी विभाग वालों से मिलवाने के नाम पर दूसरे कमरे में ले गया। वहां उसके साथ दुराचार किया और धमकी दी कि उसने दुराचार का वीडियो बना लिया है और यदि किसी को कुछ बताया तो वह वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। मालूम होकि जिस दिन उक्त लड़की से दूराचार का मामला सामने आया था, उसी दिन 31 अगस्त को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदकोट छात्रा अपहरण कांड के मुख्य दोषी निशान सिंह की उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया था और जिला प्रशासन को दोषियों से 90 लाख की वसूली करके पीड़ित छात्रा व उसके माता पिता को मुआवजे के रूप में भुगतान करने का निर्देश दिए थे। पुलिस के केस न दर्ज करने पर नेपाली लड़की ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था। इस याचिका पर 25 सितंबर को सुनवाई हुई थी और अगली सुनवाई की तारीख 14 नवंबर है।