जेल से सुपारी देकर कराया गया शशि शर्मा पर हमला
अगस्त में ही पुलिस को सूचना थी शशि पर हो सकता है हमला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। मानवाधिकार संगठन के जिला प्रधान शशि शर्मा व उसके बेटे सार्थक शर्मा पर कातिलाना हमला करने वाले लोगों के चेहरे सीसीटीवी कैमरे से बेनकाब हो गए हैं। हमलावरों में नागरा का अमरजीत सिंह, कबीर नगर का दीपक दीपा, राज नगर का दलबीर सिंह, बिक्रमजीत सिंह उर्फ बाबा निहंग, गोल्डी और उनके आठ-दस अज्ञात साथी थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्राथमिक जांच में सामने आ रहा है कि हमला सुपारी देकर करवाया गया था और इसका तानाबाना जेल से बुना होने की आशंका है। कमिशनर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का कहना है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापामारी कर रही है। गिरोह के सदस्य प्रोफेशनल है और दलबीर सिंह बीरा दोहरे हत्याकांड में जेल से छूटकर आया है और इनका संबंध एक गैंग से है। डीसीपी गुरमीत सिंह का कहना है कि हमारी कई टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं। पता चला है कि अगस्त माह में स्थानीय पुलिस उच्चाधिकारियों ने शशि शर्मा को बुलाया था और आगाह किया था कि उस पर कातिलाना हमला हो सकता है। जेल में उस पर हमला करने योजना बनाई जा रही है। शशि शर्मा को पहले से एक गनर सरकार ने दे रखा था। शशि व पंजाब पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया।
दलबीरा जेल से छूटकर आया है, ऐसे में पुलिस उसी थ्योरी पर कार्य रही है कि शशि पर हमले की योजना जेल में ही बनाई गई है और इसके लिए एक प्रोफेशनल गैंग के साथ सौदा किया गया है। कमिश्नर भुल्लर का कहना है कि अभी जांच चल रही है ।तार प्रोफेशनल गैंग से जुड़ रहे हैं। आरोपी घरों से फरार हैं, जिनकी तलाश में छापामारी की जा रही है।
शशि की दोनोें टांगों में 9 फ्रैक्चर हुए हैं और वीरवार को डालकर आपरेशन कर लोहे की राड डाली जाएगी। डॉ. दहिया ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मानवाधिकार संगठन के प्रधान शशि शर्मा और उनके बेटे सार्थक पर कातिलाना हमला किया गया था, जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।