सीमांत गांवों की जमीनों पर सियासी लोगों की निगाह
किसान का आरोप, सोलह लाख एकड़ वाली जमीन खरीदना चाहते हैं तीन लाख में
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
सीमांत गांवों में गरीब किसानों को आपस में लड़ाकर कुछ राजनीतिक लोग सस्ते में जमीन खरीदने में जुटे हैं। सीमांत गांव में एक एकड़ जमीन की कीमत लगभग सोलह लाख कीमत है। ये लोग जबरन गरीब किसानों की जमीन तीन लाख रुपये प्रति एकड़ खरीद रहे हैं, इसके लिए झूठे केस भी थाने में दर्ज कराने में गुरेज नहीं करते हैं। इसी तरह सीमावर्ती गांव के किसान कश्मीर सिंह ने खुद पर हो रहे जुल्म की दास्तां सुनाई है।
कश्मीर सिंह वासी सीमांत गांव माछीवाड़ा ने बताया कि उनके पिता लाल सिंह के नाम पर जमीन थी जिसका सभी भाइयों में बंटवारा हो गया था। कई भाई अपनी जमीन बेच गए। उसके हिस्से एक एकड़ जमीन है, इस जमीन को कुछेक सियासी लोग खरीदने के लिए उनके भाइयों में झगड़ा कराने में लगे हैं, भाई उसकी जान के दुश्मन बन चुके हैं। 2014 में उसके भाइयों व अन्य लोगों ने उनके खेतों में पहुंच कर उन जानलेवा हमला किया था, हादसे में उनकी पत्नी करतारो बाई की टांग काट दी थी और बेटी को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। ये लड़ाई अभी तक चल रही है। उनके पास एक एकड़ जमीन है, गांव के कुछेक सियासी लोग उनकी जमीन हड़पने में लगे हैं, जमीन नहीं बेचने पर उसके बेटे गुरजंट सिंह को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। सीमांत गांव बारेके में एक एकड़ जमीन की कीमत सोलह लाख रुपये है, आरोपियों से मिले सियासी लोग उनकी जमीन जबरन तीन लाख रुपये में खरीदने पर दबाव डाल रहे हैं। यही नहीं सियासी लोग उनके दुश्मनों का समर्थन कर रहे हैं, और उनके खिलाफ झूठा केस भी दर्ज करवाया है, जबकि लड़ाई वाले दिन वो गांव में ही नहीं थे। इस संबंधी उन्होंने एसएसपी भूपिंदर सिंह को शिकायत दी है, इस शिकायत पर डीएसपी रैंक का अधिकारी जांच कर रहेहैं , लेकिन वो भी सियासी लोगों के दबाव में सही से तहकीकात नहीं कर रहे है। कश्मीर सिंह ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि उसे इंसाफ दिलाया जाए। उधर, मामले की जांच कर रहे डीएसपी (डी) अमरजीत सिंह का कहना है कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद है। मैं एक माह की छुट्टी पर था और मंगलवार को ज्वाइन करना है। तहकीकात निष्पक्ष की जाएगी।