पाकिस्तान तस्करों के जरिये भेज रहा हथियार
तस्कर सप्लाई कर रहे आतंकियों व गैंगस्टरों को आधुनिक असलहा
पाक ने हैंडग्रेनेड तक भेजे, फेंसिंग पार जमीन में भी दबे हैं हथियार
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
पाकिस्तान हेरोइन की खेप के साथ आधुनिक और घातक हथियार पंजाब (भारत) भेज रहा है। यही नहीं बहुत से हथियार फेंसिंग पार जमीन में दबा कर रखे हैं। तस्कर पंजाब में बैठे आतंकी और गैंगस्टरों तक हथियार पहुंच रहे हैं, जिससे पंजाब का माहौल खराब हो रहा है। कुछ दिनों पहले आतंकियों के इशारे पर गैंगस्टरों ने धर्म प्रचार गुरुओं की हत्या कर सूबे का माहौल खराब किया था। पाकिस्तान तस्करों के माध्यम से हैंडग्रेनेड तक भेज चुका है, जिसे बीएसएफ ने सरहद पर पकड़ा है। हथियारों की कई खेप आतंकियों व गैंगस्टरों तक पहुंच गई हैं।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक गैंगस्टरों के पंजाब व यूपी में बैठे बब्बर खालसा के आतंकियों के साथ अच्छे संबंध हैं। पाकिस्तान से आने वाला असलहा तस्करों के माध्यम से आतंकियों व गैंगस्टर तक पहुंच जाता है। कुछ दिनों पहले पुलिस ने पकड़े गए गैंगस्टर अशोक कुमार उर्फ अमन सेठ ने पूछताछ दौरान बताया था कि वह बब्बर खालसा के सरगना आतंकी जसवंत सिंह उर्फ काला और बलवंत सिंह (यूपी से पकड़कर कपूरथला पुलिस लाई थी) से अच्छे संबंध हैं और उसे वह यूपी छोड़ कर आया है, उसी ने काला के इशारे पर कई नामी व्यक्तियों की हत्या की है। पुलिस ने जितने भी गैंगस्टर पकड़े हैं उनके पास मेड इन चाइना, मेड इन तुर्की व अन्य विदेशी पिस्तौलें पकड़ी हैं। बीएसएफ ने बार्डर से तस्करों से एके-47 व अन्य घातक हथियार पकड़े हैं।
उधर, बीएसएफ के सीनियर प्रवक्ता डीआईजी आरएस कटारिया का कहना है कि फेंसिंग पार जमीन में दबे हथियार खोद कर निकालने की अभी तक कोई योजना नहीं है। पड़ोसी देश पाकिस्तान हमेशा ही भारत को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है। 26 जनवरी को मद्देनजर पंजाब से सटी भारत-पाक सीमा पर अलर्ट घोषित किया गया है। सरहद के पास प्रत्येक प्रकार की मूवमेंट तेज कर दी है। दिन-रात गश्त की जा रही है। पाकिस्तान भारत के राष्ट्रीय समारोह में किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचा सकता है।
बीएसएफ ने सरहद से पकड़े हथियार
बीएसएफ ने पिछले छह साल में1994 (हैंड ग्रनेड भी शामिल) कारतूस हैं, आधुनिक व घातक हथियार 97 (जिसमें एके-47, तुर्की व चाइना की पिस्तौलें शामिल) पकड़े हैं। वर्ष 2017 में सबसे ज्यादा असलहा पाक ने भारत में भेजा है। वर्ष 2012 में 23 असलहा (एके-47 व पिस्तौलें), 33 मैगजीन व 264 कारतूस बरामद किए। वर्ष 2013 में 23 असलहा, 28 मैगजीन, 312 कारतूस व दो हैंडग्रेनेड पकड़े। वर्ष 2014 में 20 असलहे, 29 मैगजीन व 438 कारतूस, वर्ष 2015 में 17 असलहे, 24 मैगजीन, 286 कारतूस, वर्ष 2016 में 12 असलहे, 16 मैगजीन, 217 कारतूस और वर्ष 2017 में 22 असलहे, 34 मैगजीन व 694 कारतूस पकड़े हैं।