बीच बाजार गोलियां चलने से इलाका इलाके में फैली सनसनी
तस्कर को पकड़ने गई पुलिस हुई नाकाम, अपने ही मुखबिर को लगी गोली
बीच बाजार गोलियां चलने से इलाका इलाके में फैली सनसनी
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। तस्करों को रंगे हाथ पकड़ने का कमिश्नरेट पुलिस का प्लान बुरी तरह से फेल साबित हुआ। जहां पुलिस तस्कर को पकड़ने में नाकाम हुई, वहीं पुलिस का मुखबिर गोली लगने से घायल हो गया। यह घटना जालंधर के किशनपुरा इलाके में सोमवार देर शाम हो गई। बीच बाजार गोलियां चलने से लोगों में अफरातफरी का माहौल बन गया। घायल हुए मुखबिर मुकेश निवासी माडल हाउस को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
जानकारी देते हुए डीसीपी गुरमीत सिंह ने कहा कि पुलिस ने नशा कारोबार में मुकेश को पकड़ा था, जोकि पुलिस का मुखबिर बनकर नशे के बड़े कारोबारी सोनू को पकड़वाने के लिए तैयार हो गया था। पुलिस ने मुखबिर मुकेश के सहयोग से एक प्लानिंग की थी, जिसके तहत पुलिस नशा तस्करों को पकड़ने के लिए ट्रैप लगा रहे थे, जोकि फेल साबित हो गया। उन्होंने कहा कि मुकेश अपने नशा बेचने वाले दूसरे तस्करों को पकड़वाने के तैयार हो गया था। उन्होंने किशनपुरा इलाके में सिविल वर्दी में ट्रैप लगाया और मुकेश को अपने साथी को बुलाकर नशा सप्लाई करने को बोला। लेकिन जैसे ही मुकेश के साथी तस्कर सोनु को इसकी भनक लगी तो उन्होंने सिविल वर्दी पर तैनात पुलिस वालों पर फायर कर दिए। एक गोली मुकेश के कंधे पर जा लगी, जिससे वे घायल हो गया। पुलिस वाले पर भी फायर किया गया था लेकिन वे मिस हो गया। मौके मिलते ही तस्कर फरार होने में कामयाब हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे नार्थ विधानसभा के विधायक बाना हैनरी ने दहशत में फैले लोगों को शांत करवाया।
पुलिस वालों ने नहीं कि जवाबी फायरिंग
नशा तस्करों को पकड़ने गई पुलिस ने जवाबी फायरिंग नहीं की। कारण था कि पुलिस वालों के पास हथियार ही नहीं थे। यह खुलासा डीसीपी गुरमीत सिंह ने किए। डीसीपी ने कहा कि तस्करों को पकड़ने के लिए बिना हथियार के पुलिस वालों को भेजा गया था।