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करोड़ों की हेराफेरी में दो भाजपा नेताओं पर जालसाजी का केस दर्ज

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दो भाजपा नेताओं पर जालसाजी का केस
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मृतक रिश्तेदारों का मुख्तियारनामा प्रयोग कर करोड़ों हड़पने का आरोप
अमर उजाला ब्यरो
जालंधर।
पुलिस ने मृतक रिश्तेदारोें का मुख्तियारनामा इस्तेमाल कर करोड़ों हड़पने वाले दो भाजपा नेताओं पर जालसाजी का केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान मुनीष सहगल और आशीष सहगल के तौर पर हुई है। मुनीष भाजपा के ट्रांसपोर्ट सेल का को कनवीनर और उसका भाई आशीष भाजपा के मंडल दो का महामंत्री है। दोनों की तलाश की जा रही है।
कमिश्नर पीके सिन्हा को 28 अप्रैल 2017 को अजय कुमार और राधा सहगल ने शिकायत की थी कि उनकी पुश्तैनी जमीन सूर्या इंक्लेव में थी। इस पर केएन कंस्ट्रक्शन कंपनी और शौर्य टावर अपना दावा जता रहा था। तमाम वारिसों की ओर से जमीन की अटार्नी रिश्तेदार मुनीष सहगल और उसके भाई आशीष सहगल को दी गई थी। जमीन का विवाद चलता रहा और इसमें मुनीष व आशीष ने समझौता कर लिया। इसके एवज में ट्रस्ट से दो करोड़ 9 लाख केएन कंस्ट्रक्शन और शौर्य टावर को मिल गए। मुनीष और आशीष ने जिस अटार्नी का इस्तेमाल कर समझौता किया, उसमें दो रिश्तेदारों की मौत हो चुकी थी। ऐसे में उनका मुख्तियारनामा इस्तेेमाल नहीं किया जा सकता था।
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मुनीष और आशीष सहगल ने कंपनी से पैसा और जायदाद ले ली, लेकिन रिश्तेदार अजय व राधा को कुछ नहीं दिया। इस मामले में कमिश्नर ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए। इसके बाद मुनीष व आशीष पर थाना रामामंडी में मामला दर्ज कर लिया गया। मुनीष सहगल ने विधानसभा चुनाव से पहले शिकायत देकर पूर्व मंत्री अवतार हेनरी का वोट कटवाया था। कहा था कि हेनरी एक विदेशी नागरिक है और उनका वोट नहीं बन सकता। उनके स्थान पर उनके बेटे बावा हेनरी को टिकट मिल गया था। बावा हेनरी ने विधानसभा सीट 32 हजार मतों के अंतर से जीत ली थी। हालांकि बाद में मुनीष सहगल ने प्रेस कांफ्रेंस कर हेनरी से माफी मांग ली थी और कहा था कि उन्होंने वोट भाजपा के तत्कालीन विधायक केडी भंडारी के कहने पर कटवाया था।
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