देहरादून के ध्यानार्थ
पुलिस के नाम पर 23 लाख रिश्वत मामले में सामने आया कांग्रेसी नेता का नाम
23 लाख रिश्वत प्रकरण में छह लाख का चेक कैश कराने में मदद का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट।
जनवरी में देहरादून से गिरफ्तार यहां के गैंगस्टर हरसिमरनदीप सिंह उर्फ सिम्मा बहिबल के छोटे भाई को फरीदकोट पुलिस से क्लीन चिट दिलाने के नाम प्रॉपर्टी डीलर द्वारा 23 लाख रूपये की वसूली के मामले में फरीदकोट के एक नौजवान कांग्रेस नेता का नाम भी सामने आ गया है। इस प्रकरण में सिम्मा बहिबल की माता मनप्रीत कौर की शिकायत पर विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा द्वारा पड़ताल की जा रही है और ब्यूरो की पड़ताल में सामने आया है कि यहां के कांग्रेसी नेता अवतार सिंह जगसीर ने रिश्वत के रूप में सौंपे छह लाख के चेक को अपने खाते के माध्यम से कैश करवाया है।
शिकायत में मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया है कि सिम्मा बहिबल के साथ देहरादून से गिरफ्तार उसके छोटे बेटे फुलविंदर सिंह को पुलिस ने एक पुराने मामले में नामजद किया किया था, जबकि इस समय अवधि के दौरान फुलविंदर सिंह कुवैत में था। इसके बाद फरीदकोट के प्रॉपर्टी डीलर ने उन्हें फरीदकोट पुलिस के एक इंस्पेक्टर का संदेश दिया कि यदि उनका परिवार पुलिस को पैसे देता है तो वह फुलविंदर सिंह पर और कोई केस दर्ज नहीं करेंगे वर्ना उस पर कम से कम 10 केस डाले जाएंगे। इस बात से घबराकर मनप्रीत कौर ने अपनी जमीन के ठेके से मिले 6 और 8 लाख के दो चेक और 9 लाख की नकदी अपने देवर जसविंदर सिंह के साथ जाकर उक्त प्रॉपर्टी डीलर को दी। दोनों चेकों में से 6 लाख का चेक तो कैश करवा लिया। जबकि 8 लाख वाला चेक वापस लौटाकर उनसे ही कैश करवाया गया। विजिलेंस जांच में सामने आया कि मनप्रीत कौर की तरफ से प्रॉपर्टी डीलर को सौंपे गए गुरभेज सिंह नामक व्यक्ति के छह लाख रुपये के चेक को केनरा बैंक फरीदकोट में अवतार सिंह के खाते में 21 जनवरी को जमा कराया। अगले दिन उसके क्लीयर होने पर नकदी भी निकाल ली गई। गुरभेज सिंह ने सिम्मा बहिबल के परिवार की जमीन ठेके पर ली हुई है। यह पैसा ठेके की राशि के भुगतान के रूप में दिया गया और इस चेक को कैश करवाने वाले खाताधारक अवतार सिंह कांग्रेसी नेता हैं।
कांग्रेस नेता बोले- मैं दर्ज करा चुका हूं बयान
मामले में अवतार सिंह जगसीर ने स्वीकार किया कि छह लाख का चेक उनके खाते के माध्यम से कैश करवाया गया है। लेकिन इसे उनके पड़ोसी प्रापर्टी डीलर ने यह कहकर जमा करवाकर क्लीयर करवाया कि उन्हें इनकम टैक्स का डर है। उसे बेटे की शादी के लिए पैसे की जरूरत है। चेक को भी उसके खाते में भी उक्त डीलर ने ही जमा करवाया और क्लीयर होने के बाद मेरे से सेल्फ का चेक लेकर खुद ही नकदी निकलवाई। इस चेक के पीछे जुड़े विवाद के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी, जिसके बारे में वह विजिलेंस के एसएसपी बठिंडा के पास बयान दर्ज करवा चुके है।