सीबीआई और विजिलेंस जांच के घेरे में रेल डिवीजन फिरोजपुर
- इलेक्ट्रिकल ब्रांच से जुड़े हैं हाई टेंशन वायर और टीए घोटाले के मामले
- घोटाले से जुड़े अफसर-कर्मियों पर गिरेगी तबादले की गाज
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर की इलेक्ट्रिकल विभाग में कई घोटाले सामने आ चुके हैं। इनमें से हाई टेंशन वायर घोटाले की जांच सीबीआई और टीए घोटाले की जांच विजिलेंस के हवाले की जा चुकी है। ताजा चर्चित मामला टीए घोटाले का है। फिरोजपुर डिवीजन नार्दन रेलवे व हेडक्वार्टर दिल्ली में इसे लेकर विभाग की खूब किरकिरी हो चुकी है। उधर, घोटाले का खुलासा करने वाले रेलकर्मी रमिंदर सिंह को धमकी मिलने के वाकये के बाद से उसकी तबीयत खराब है। उसका फरीदकोट मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है। इस बीच विभाग ने टीए घोटाले में आरोपी बनाए गए अफसरों और कर्मियों के तबादले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तबादले के लिए नामों की सूची तैयार की जा रही है। माना जा रहा है कि उनको जम्मू, कटड़ा व बड़गांम भेजा जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक लगभग छह माह पहले ही रेल मंडल कार्यालय फिरोजपुर की इलेक्ट्रिकल विभाग में हाई टेंशन वायर डालने के मामले में तकरीबन पांच करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। इसके बाद डिवीजन के एक डीईई रैंक के सीनियर अधिकारी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया था। घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। लुधियाना व अमृतसर में इलेक्ट्रिकल ट्रेन के लिए हाई टेंशन वायर डालने का काम होना था, जिसे ठेकेदार ने कुछ अधिकारियों व मुलाजिमों की मिलीभगत के चलते नहीं कराया, लेकिन बिल पास करवा लिए।
उधर, अब इलेक्ट्रिकल विभाग के पावर हाउस में टीए घोटाला उजागर हुआ है। टीए घोटाले की धनराशि लाखों में बताई जा रही है, क्योंकि घोटाले का खेल पिछले लगभग पांच साल से चल रहा था। इसमें कई ऐसे रेलकर्मी शामिल थे, जो इलेक्ट्रिकल अधिकारी की कोठी में कामकाज कर रहे हैं और फर्जी टूर बनाकर टीए की राशि अपने नाम कर रहे थे।