लोहे के छोटे कंटेनर में डालकर किए थे मकसूदां थाने में चार विस्फोट
दिल्ली से आई एनआईए की टीम ने भी खंगाला थाना, एजेंसियां भी नहीं खोल पाईं राज
सुरिंदर पाल
जालंधर। मकसूदां थाना में चार ब्लास्ट में इतना साफ हो गया है कि विस्फोटक एक लोहे के कंटेनर में डालकर फेंके गए थे, इसके छोटे छोटे पीस जांच अधिकारियों व जांच एजेंसियों को मिल गए हैं। कौन सा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ था, यह न तो एनआईए साफ कर पाई है और न ही एनएसजी। बुधवार को दिल्ली से खास तौर पर एनआईए की टीम जालंधर पहुंची और केस की जांच शुरू की। एनआईए की टीम ने मौके से कुछ सैंपल भी लिए और टीम के कई सदस्य दिल्ली रवाना हो गए हैं, जबकि कई अभी जालंधर में ही रुके हुए हैं।
जांच के लिए डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने जहां इंटेलिजेंस चीफ दिनकर गुप्ता को मैदान में उतार दिया है, वहीं दिल्ली से नेशनल सिक्योरिटी गार्ड व नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की भी सहायता ली। दोनों एजेंसियां आतंकवादी घटनाओं की जांच के लिए केंद्र सरकार ने गठित की है। जबकि सूबे की काउंटर इंटेलिजेंस पंजाब में आतंकवादी वारदात व विदेशों में फैल रहे आतंकवादी नेटवर्क की निगरानी के लिए गठित किया गया है। पंजाब के इंटेलिजेंस चीफ दिनकर गुप्ता काउंटर इंटेलिजेंस की टीम को लेकर जांच कर रहे हैं, वहीं कमिशनर पुलिस प्रवीण कुमार सिन्हा ने छह टीमों का गठन कर रखा है। तीसरी तरफ आईजी नौनिहाल सिंह ने भी एसएसपी नवजोत सिंह माहल व एसएसपी सतिंदर सिंह को मैदान में उतारा हुआ है। पुलिस के आला अधिकारियों की कई टीम वर्क कर रही हैं। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है, जिससे पुलिस की जांच को कोई दिशा मिल सके।
सूत्रों के मुताबिक वारदात को अंजाम पूरे योजनाबद्ध तरीके से दिया गया। इसके लिए बाकायदा ट्रेंड व्यक्ति इस्तेमाल किये गए हैं, जिन्होंने मोबाइल से लेकर सोशल मीडिया तक कुछ भी इस्तेमाल नहीं किया है। पुलिस की तरफ से इलाके के मोबाइल टावर की तमाम कॉल्स को उठाकर बारीकी से चेक किया गया, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा।