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एआईजी की मां ने नशा छुड़ाने के लिए दाखिल करवाया था, रंजिशन रिश्तेदार ने ही कर डाली हत्या.

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रिश्तेदार ने रंजिश में की थी एआईजी की मां की हत्या
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भतीजी के बेटे को नशा छुड़ाने के लिए डी-एडिक्शन में दाखिल करवाया था, इसी की रंजिश रखता था
रिश्तेदार साथी लैब टेक्नीशियन के साथ गिरफ्तार, लूटे गहने भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पीएपी के एआईजी सरीन प्रभाकर की 80 साल की मां शीला रानी की हत्या उसके निकटवर्ती रिश्तेदार ने की थी। वजह थी कि शीला रानी ने उसका नशा छुड़ाने के लिए डी-एडिक्शन सेंटर में दाखिल करवाया था। पुलिस ने एआईजी के रिश्तेदार को उसके साथी समेत गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से लूटे हुए गहने बरामद कर लिए गए हैं।
कमिश्नर पुलिस गुरप्रीत सिंह भुल्लर, डीसीपी गुरमीत सिंह, एडीसीपी सिटी परमिंदर सिंह भंडाल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सरीन कुमार की माता की हत्या की वारदात के बाद जांच में यह बात सामने आ रही थी कि हत्या को किसी भेदी ने अंजाम दिया है। पुलिस को कुछ पुख्ता सबूत मिले, जिसकी बिनाह पर आरोपी शिवम उर्फ शुभम (22) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मृतका शीला रानी की भतीजी का बेटा है। शिवम कुमार शीला रानी के दकोहा स्थित पुश्तैनी घर के सामने ही रहता था। पूछताछ में आरोपी ने माना कि वह नशा करता था। शीला रानी ने उसको इलाज के लिए डी-एडिक्शन सेंटर में दाखिल करवाया था। उसके साथ वहां पर बर्ताव अच्छा नहीं हुआ। तभी से उसके मन में यह रंजिश थी कि वह शीला रानी को सबक सिखाएगा। इसके अलावा उसके पास कोई काम-धंधा नहीं था और पैसे की भी तंगी थी। इसी के चलते दोस्त करण को साथ मिलाया, जो लैबोरेटरी में काम करता था। करण और शिवम ने मिलकर योजना बनाई कि वह शीला रानी की हत्या कर उसके पहने हुए आभूषण लूट लेंगे।
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कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 16 सितंबर की रात को इलाके में जागो निकल रही थी। रात को जब जागो खत्म हुई तो उनको पता चला कि शीला रानी आ चुकी हैं। वारदात करने के लिए शिवम और करण छत से होते हुए शीला रानी के घर घुसे और छत पर छिपकर बैठ गए। जब रात गहरी हो गई तो वह नीचे उतरे और मुंह दबाकर शीला की हत्या कर दी। उसके बाद वह शीला के सोने के जेवर उतार कर लौट आए और ण्क जगह पर दबाकर रख दिए।
जिक्रयोग है कि दकोहा में मंदिर वाली गली में पीएपी के एआईजी सरीन प्रभाकर की 80 साल की मां शीला रानी अकेली रहती थी। 17 सितंबर को उनकी नहरी विभाग में पटवारी बेटी प्रवीण कालिया उनसे मिलने आई तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोसी जगदीश कुमार ने घर के अंदर से जाकर दरवाजा खोला तो तख्त पर शीला रानी की लाश पड़ी थी। आरोपी उनकी कान की बालियां, सोने की चूड़ियां और अंगूठी ले गए थे।
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हाथों में दस्ताने पहनकर वारदात को दिया था अंजाम
कमिश्नर भुल्लर के मुताबिक हत्यारों ने हाथों में दस्ताने पहनकर वारदात को अंजाम दिया था। करण आठवीं पास है और लैबोरेटरी में काम करता है। वहीं से वह दस्ताने लेकर आया था ताकि उनके फिंगर प्रिंट क्राइम सीन में न आ सके।
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