धुंध की आड़ में सरहद पर हो रही तस्करी
निगरानी में बन रही बाधा, पाक तस्कर फेंक रहे हेरोइन के पैकेट
शुक्रवार व शनिवार को बीएसएफ को मिले हेरोइन के चार पैकेट
अनिल कुमार
फिरोजपुर।
सरहद की रखवाली कर रहे बीएसएफ जवानों को घना कोहरा तस्करों पर निगरानी रखने में काफी दिक्कतें पैदा कर रहा है, खुला क्षेत्र होने के साथ सतलुज दरिया बहने से रात के समय कोहरा बहुत अधिक पड़ता है और बिना आधुनिक यंत्र के कुछ नजर नहीं आता है। ऐसे मौसम में तस्कर हेरोइन के पैकेट फेंसिंग पार भारतीय सीमा में फेंकने में कामयाब हो जाते हैं। शुक्रवार को बीएसएफ की बटालियन-29 के जवानों को गश्त के दौरान गट्टी हियात चौंकी के पास फेंसिंग के साथ पड़े दो हेरोइन के पैकेट बरामद हुए हैं। इसके अलावा शनिवार को जलालाबाद के सीमांत गांव जोधावाली पर लगी फेंसिंग के पास से बीएसएफ की बटालियन-169 को गश्त के दौरान हेरोइन के दो पैकेट मिले हैं।
हुसैनीवाला बार्डर और ममदोट से सटे सीमांत इलाकों में इन दिनों रात के समय कोहरा पड़ने से गश्त कर रहे बीएसएफ जवानों को फेंसिंग के उस पार होने वाली गतिविधियों के बारे में कुछ पता नहीं चलता है। जानकारों का कहना है कि सर्दियों में पाक तस्कर सरहद पर हेरोइन तस्करी के लिए सक्रिय हो जाते हैं। चौकियों के टावरों पर बैठे जवानों को रात के समय निगरानी रखने के लिए आधुनिक दूरबीन दी जाती है।
बीएसएफ के एक जवान ने बताया कि जब धुंध बहुत घनी होती है, उस समय दूरबीन से ज्यादा दूरी तक देखने में दिक्कत होती है, दूरबीन अंधेरे में देखने में मददगार है। सरहद के साथ सतलुज दरिया के बहने से धुंध ज्यादा पड़ती है, पाक तस्कर दरिया के रास्ते भी तस्करी करते हैं, कई बार बीएसएफ ने दरिया के रास्ते तस्करी करते हुए तस्करों को काबू किया है, क्योंकि सतलुज दरिया पाक में भी प्रवेश करता है और कई जगहों से भारत की तरफ भी बहता है। उधर, बीएसएफ के मुताबिक इस साल अभी तक पंजाब से सटे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बार्डर से 173.727 किलोग्राम हेरोइन, अफीम 1.982 किलोग्राम, पिस्टल व अन्य असलहा 19, मैगजीन 32, कारतूस 683, पाक मोबाइल सिम कार्ड 33 पकड़े गए हैं और छह पाक तस्कर मारे गए हैं।