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वेतन घोटाले का मुख्य आरोपी कलर्क गुरप्रताप सिंह गिरफ्तार

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मोगा। कई सालों से सिविल अस्पताल में सरकारी वेतन में घोटाला करते आ रहे आरोपी क्लर्क गुरप्रताप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय विजिलेंस टीम की ओर से आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया। वहां से अदालत ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर भेज दिया है।
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डीएसपी विजिलेंस हरजिंदर सिंह ने बताया कि गुरप्रताप सिंह वासी मोगा सिविल अस्पताल में बतौर क्लर्क तैनात था। उसके खिलाफ सेहत विभाग की ओर से जांच के बाद शिकायत की गई थी कि आरोपी ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन में घोटाला करते हुए अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए हैं। जांच में कुल 26 लाख 53 हजार 116 रुपये की हेरफेर पाई गई। इसके बाद सेहत विभाग की स्पेशल आडिट टीम ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए डायरेक्टर विजिलेंस ब्यूरो को सिफारिश कर दी। डीएसपी के अनुसार 21 मई को आरोपी गुरप्रताप के खिलाफ थाना विजिलेंस फिरोजपुर में केस दर्ज किया गया था। इसके चलते मंगलवार को आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। डीएसपी का कहना है कि आरोपी से रिमांड के दौरान उसके बैंक खातों समेत उसके घर की तलाशी और हर पहलू से जांच व पूछताछ की जाएगी।
गौरतलब है कि बीते वर्ष सेहत विभाग के ही एक कर्मचारी ने मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत दी थी कि सिविल अस्पताल मोगा में कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन बनाने वाला क्लर्क गुरप्रताप सिंह घोटाला करता है। शिकायत के बाद मामला गर्माया और सरकार ने जांच के लिए सेहत विभाग को आदेश जारी कर दिए थे। जांच करीब छह माह तक चली। इसमें पाया गया कि गुरप्रताप सिंह ने सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को कम वेतन देकर अपने व अपनी पत्नी के बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए हैं जबकि आरोपी पत्नी का सेहत विभाग से कुछ लेना देना नही है। जांच जारी ही थी कि आडिट टीम की सिफारिश पर आरोपी को सेहत विभाग की ओर से मुअत्तल कर लुधियाना हेडक्वार्टर ट्रांसफर कर दिया गया। अब जांच पूरी होने पर लाखों का घोटाला सामने आया तो सेहत विभाग ने विजिलेंस के जरिए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री को दी गई शिकायत में आरोपी गुरप्रताप समेत दो अन्य कर्मचारियों के नाम भी शामिल थे। उनपर आरोप थे कि तीनों आरोपी मिलीभगत कर बोगस वेतन ले रहे हैं वहीं वेतन में घोटाला कर रहे हैं। फिलहाल विजिलेंस ने मुख्य आरोपी गुरप्रताप पर ही शिकंजा कसते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज किया है। डीएसपी विजिलेंस हरजिंदर सिंह का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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