दोस्त की खुदकुशी में कांग्रेस नेता गिरफ्तार
आरोपी कांग्रेस के ब्लाक प्रधान ने सैलून मालिक के 12 लाख रुपये हड़पे
मृतक मोबाइल फोन में मिले वीडियो से हुआ धोखाधड़ी करने का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। सैलून मालिक अरुण कुमार बस्सी उर्फ जोगी खुदकुशी केस में पुलिस ने मृतक के जिगरी दोस्त कांग्रेस के ब्लाक दीपक शर्मा मोना को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि मोना ने अपने दोस्त जोगी का करीब 12 लाख रुपया हड़प लिया था। पुलिस ने मोबाइल की गैलरी की जांच की तो जोगी का वीडियो मिला, जिसमें वह कह रहा है दोस्त दीपक शर्मा मोना ने उसके साथ धोखा किया है और उसकी मौत का जिम्मेदार वही है।
अरुण जोगी की पत्नी नेहा बस्सी ने पुलिस को दिए गए बयान में बताया कि पति पुराने जेनरेटर के साथ साथ सैलून भी चलाते थे। उसकी दोस्ती कांग्रेसी नेता दीपक शर्मा मोना से थी। दीपक ने उसके पति से 6 लाख रुपये उधार लिए थे और नहीं लौटाए। पति को पैसों की जरूरत पड़ी तो उसने दीपक शर्मा से पैसों की मांग की। दीपक ने टोनी नामक युवक से पति को मिला दिया। नेहा के मुताबिक दीपक ने झांसा दिया कि आप अपने जेवर गिरवी रख दो, जिनको मैं छुड़वा दूंगा। बकौल नेहा उसने अपने छह लाख की कीमत के जेवर गिरवी रख दिए। इसकी एवज में एक लाख रुपये ही मिले। नेहा ने बताया कि पैसा वापस भी कर दिया और जेवर का कुछ अता पता नहीं चला, इस तरह से 12 लाख रुपये दीपक ने हड़प लिये। नेहा ने बताया कि दीपक के भाई टिंकू ने भी उनके साथ ठगी की और करीब 11 लाख रुपये पति से उधार ले गया। इससे पति अरुण जोगी आर्थिक तौर पर काफी परेशान हो गए और 9 फरवरी को उन्होंने खुदकुशी कर ली। पुलिस पहले इस मामले को हत्याकांड समझती रही। पुलिस ने अरुण जोगी की कॉल डिटेल भी निकलवाई लेकिन कुछ पता नहीं चला। शुक्रवार को पुलिस ने अरुण जोगी के मोबाइल में गैलरी को खोला तो वीडियो मिला। वीडियो में अरुण जोगी अपनी दास्तां सुना रहा था,े उसने अपनी मौत का जिम्मेदार दीपक शर्मा मोना को ठहराया। एसएचओ धरमिंदर कल्याण ने बताया कि पुलिस ने दीपक शर्मा मोना के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। मोना को कुछ समय पहले ही ब्लाक कांग्रेस का प्रधान नियुक्त किया गया था।
यह था मामला
सोढल फाटक और राम नगर फाटक के मध्य 9 फरवरी की शाम करीब 4 बजे रेल ट्रैक के पास एक युवक की लाश मिली। मृतक की पहचान बस्ती पीरदाद के कमल विहार के रहने वाले 38 साल के अरुण बस्सी उर्फ जोगी के तौर पर हुई। पिता गौतम ऋषि बस्सी ने कहा था कि उनका बेटा जोगी कभी सुसाइड नहीं कर सकता। उन्हें शक है कि उनके बेटे की हत्या कर लाश फेंकी गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें तो समझ नहीं आ रहा कि उनका बेटा रेलवे लाइनों के पास कैसे पहुंच गया। वह कमजोर नहीं, काफी दिलेर था। घर में न तो किसी तरह की पैसे की कमी है और न ही कोई तकलीफ थी।