बैंक के स्ट्रांगरूम में सेंध लगा चोरी की कोशिश
पंजाब एंड सिद्ध बैंक की सतनौर शाखा में दो दिन की छुट्टी के दौरान हुई वारदात
नाकाम रहने से बैंक के अठारह लाख रूपये, 50 लाकरों में रखे जेवर, सामान बचा
अमर उजाला ब्यूरो
गढ़शंकर (होशियारपुर)। अड्डा सतनौर स्थित पंजाब एंड सिद्ध बैंक की शाखा में के स्ट्रांग रूम में पहुंचने के लिए सुरंग खोदने की कोशिश गई। चोर आखिर नाकाम होने पर लौट गए। इससे बैंक के स्ट्रांग रूम में रखे करीब अठारह लाख रुपये और पचास से अधिक लोकरों में पड़े लोगों के लाखों के आभूषण व कीमती समान बच गया। डीएसपी सुखविंदर सिंह, एसएचओ गढ़शंकर इंस्पेक्टर नरिंदर कुमार, एएसआई गुरनेक सिंह ने मौके पर पहुंचे। इसके अलावा डाग स्क्वाएड व फिगर प्रिंट लेने वाली टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बैंक की शाखा प्रबंधक ज्योति भगत के मुताबिक 25 जनवरी को शाम को बैंक बंद कर अन्य कर्मचारियों के साथ चले गई। दो दिन की छुट्टी के बाद दर्जा चार महिला मुलाजिम राजविंदर कौर ने बैंक के ताले खोले तो भीतर सामान बिखरा मिला। उसने तुरंत शाखा प्रबंधक ज्योति भगत को सूचित किया। भगत ने पुलिस को सूचित कर दिया। आरोपी बैंक के पीछे से दीवार फांद कर तथा शटर के ताले तोड़ कर भीतर दाखिल हुए। चोरों ने स्ट्रांग रूम के निकट सुरंगनुमा गड्डा खोद कर स्ट्रांग रूम में दाखिल होने की कोशिश की गई। मजबूत होने के कारण चोर स्ट्रांग रूम में पड़ी नकदी तक नहीं पहुंच सके। चोरों ने सीसीटीवी कैमरों के मुंह घुमा दिए और डीवीआर को तोड़ कर उसका मेमोरी कार्ड अपने साथ ले गए। चोरों ने बैंक में कई अलमारियों के समान निकाल कर इधर-उधर फेंका था। इसके अलमारी के ताले भी तोड़े. जिसमें एक बंदूक तथा कारतूस पड़े थे।
डीएसपी सुखविंदर सिंह का भी कहना है कि चोर पहले बैंक में इंटर करने के लिए पीछे की और रेलवे लाईन की और से सीढ़ी लगाकर दीवार से अंदर घुसे और फिर शटर तोड़ा और कैंची गेट तोड़ा और करीब दो फीट का गड्डा खोदा। इसके बाद अलमारियों के लाक भी तोड़े। इससे साफ है कि चोर पांच या पांच से अधिक हो सकते है। चोरों को बैक और स्ट्रांग रूम के बार में पता था। उन्होंने जिस तरह से दो छुट्टियों के दौरान चोरी को अंजाम देने की कोशिश की और पीछे से सीढ़ी लगाई और सुरंग खोदने के लिए समान साथ लेकर आए। इससे साफ है कि चोरों ने रेकी करने के बाद ही पूरी घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। डीएसपी डीएसपी सुखविंदर सिंह का कहना है कि हम बैंक प्रबंधन से बैठकों मेंरात के समय बैंकों में गार्ड रखने को कहते रहते है। बैंक प्रबंधन इस और ध्यान नहीं देता। शाखा प्रबंधक ज्योति भगत ने कहा कि बैंक में गार्ड रात के समय नहीं रखे जाते। दिन के समय ही गार्ड होते है।