व्यापारी सुसाइड केस : सबूतों को किया गया था खुर्द बुर्द
दो गिरफ्तार, चावला के घर चल रहा था जुआ, पुलिस ने जुए की धारा भी जोड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। कारोबारी कमलजीत आनंद सुसाइड मामले में दो दिन की जांच के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि जहां खेल कारोबारी कमलजीत आनंद ने खुदकुशी की, वहां पर जुआ चल रहा था और इस वारदात के बाद वहां से सबूतों को खुर्द-बुर्द किया गया था और सीसीटीवी की डीवीआर को भी गायब कर दिया गया था।
जिक्रयोग है कि चावला बिल्डिंग मैटीरियल के मालिक सर्वजीत उर्फ बिट्टू चावला घर में ही जुए का अड्डा चलाता था और दो दिन पहले खेल के कारोबारी कमलजीत आनंद ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। आनन्द के सुसाइड के बाद सुराग मिटाने के लिए बिट्टू चावला समेत अन्य लोगों ने डीवीआर सहित कई अन्य तथ्यों से छेड़छाड़ की। कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने आईपीएस अधिकारी सुडरविजी और एसीपी सर्बजीत राय के नेतृत्व में टीम का गठन कर दिया है जो इस पूरे प्रकरण की जांच करेगी। एडीसीपी सुडरविजी और एसीपी सर्वजीत राए द्वारा की गई जांच में ये तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने सुराग मिटाने के आरोप में दो लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में पता चला कि घटना के बाद बिट्टू चावला के रिश्तेदारों ने मौके से सीसीटीवी की डीवीआर ही गायब कर दी थी। जांच के बाद सबूत खुर्द बुर्द करने के दो आरोपी मनदीप सिंह, लखबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसीपी वेस्ट सर्बजीत सिंह राय ने बताया कि घटना संबंधी जांच के बाद आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के साथ साथ केस में गैंबलिंग एक्ट, सुराग खुर्द बुर्द करने संबंधी धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने मृतक की पत्नी रेणू सीमा आनंद के बयान पर शशि भूषण बंटू, जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व ट्रस्टी अरुण सहगल, पिंकी, राजू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सर्वजीत के घर में रोजाना अरुण सहगल, कमलजीत आनन्द व अन्यों को बुला कर जुआ खिलाया जाता था। घटना वाली रात भी बिट्टू चावला के घर पर सभी जुआ खेल रहे थे। कमलजीत ने भी शराब पी रखी थी। जब वह जुए में पैसा हार गया तो उसने 50 हजार रुपये बिट्टू से उधार मांगे थे। जब उसने मना किया तो कमलजीत आनन्द ने अपनी लाईसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली थी। रेणू का आरोप था कि उसके पति कमलजीत की हत्या की गई है। पुलिस के पास एक ही मुख्य सबूत था, वह थी सीसीटीवी की डीवीआर। घटना वाली रात जब एडीसीपी सुडरविजी और एसीपी सर्बजीत राय मौके पर पहुंच कर जांच शुरू की तो मौके पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। लेकिन डीवीआर के बारे में बिट्टू चावला व अन्यों ने गोलमोल जवाब दिए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती की तो डीवीआर मिल गई और पुलिस ने उसको कब्जे में ले लिया। एसीपी का कहना है कि डीवीआर को फोरेंसिक लैबोरेटरी में चेक करवाया जाएगा कि इसमें कुछ डिलीट तो नहीं किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार कांग्रेसी नेता अरुण सहगल की तलाश शुरू कर दी है।