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मानव तस्करी : चार माह से अर्मीनिया में फंसे तीन लोग

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मानव तस्करी : चार माह से अर्मीनिया में फंसे तीन लोग
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छह फर्जी एजेंटों ने धकेला मौत के मुंह में, दो थानों में केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। मानव तस्करी के खेल ने तीन लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया। जहां वह फर्जी एजेंटों के चंगुल में फंसकर चार माह से अरब देश अर्मीनिया में भूखे-प्यासे फंसे हुए हैं। थाना बेेगोवाल व थाना ढिलवां में मानव तस्करी का केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।
थाना बेगोवाल की पुलिस को दी शिकायत में जगदीप सिंह निवासी इब्राहीमवाल ने बताया कि वह टैक्सी चालक है और उसके साथ गुरदेव सिंह भी टैक्सी चलाता है। उसने कहा कि उसकी एजेंट परमजीत कौर से पहचान है, जो कम पैसों में अर्मीनिया भेजने का काम करती है। इस पर उसने अपने भाई शमशेर सिंह व भाभी पिंकी को अर्मीनिया भेजने के लिए परमजीत कौर ढिलवां से मुलाकात की। उसने बताया कि उसकी रिश्तेदार अर्मीनिया में रहती है। इसलिए वह कम पैसों में विदेश ले जाकर उन्हें नौकरी दिलवा देगी। 3 दिसंबर 2018 को वह उसके घर आई और उसके भाई-भाभी के पासपोर्ट और 1.20 लाख रुपये लेकर चले गए। नौ दिसंबर को उन्होंने दोनों की जयपुर से अर्मीनिया की फ्लाइट करवा दी। वहां उन्हें हरप्रीत कौर मूल निवासी मंसूरवाल बेट, जो अर्मीनिया में ही रहती है, ने उनसे 1.80 लाख रुपये ले लिए। भाई-भाभी के अर्मीनिया पहुंचने पर गुरदेव और परमजीत ने एक लाख रुपये और ले लिए। अर्मीनिया में वायदे के मुताबिक उसके भाई-भाई को न तो पक्का करवाया और न ही नौकरी दिलवाई। वह वहां पर भूखे-प्यासे फंसे हुए हैं।
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थाना ढिलवां की पुलिस को दी शिकायत में करनजीत सिंह निवासी अमृतसर ने बताया कि वह टांगरा में मोबाइल शॉप चलाता है। चार माह पहले उसकी बहन अरविंदर कौर को ताजपुर खांबड़ा जालंधर स्थित चर्च में कोमलदीप कौर मिली। कोमल ने बताया कि वह जसविंदर कौर, परविंदर कौर और हरप्रीत कौर अर्मीनिया भेजने का काम करते हैं। जहां वह फूड पैकिंग में काम दिलवाकर 50 हजार रुपये की नौकरी और ओवरटाइम लगाने पर 70 हजार रुपये मासिक कमा सकते हैं। उसकी बहन उसके भाई जतिंदर पाल सिंह को लेकर कोमलदीप कौर व अन्य एजेंटों के पास ले गई। जहां पर उन्होंने पासपोर्ट मांगा। 10 दिन बाद उन्हें फोन आया कि टिकट के लिए 60 हजार रुपये परमिंदर कौर और हरप्रीत सिंह के खाते में डलवाओ। 4 नवंबर 2018 को उसकी जयपुर से फ्लाइट करवा दी। परमिंदर के कहने पर उसने जस्सी को 2.40 लाख रुपये दे दिए। अर्मीनिया में हरप्रीत कौर ने उसके भाई से 800 यूएस डॉलर ले लिए। वहां पहुंचने के बाद वायदे मुताबिक न तो नौकरी दिलवाई और न ही पैसे वापस किए। इस समय उसका भाई वहां चार माह से भूखा-प्यासा फंसा हुआ है।
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डीएसपी भुलत्थ दविंदर सिंह संधू ने कहा कि इन फर्जी एजेंटों के खिलाफ मानव तस्करी का केस दर्ज करके गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है। मुख्य किंग हरप्रीत कौर अर्मीनिया में है, उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद ली जाएगी।
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